बलिया

Prince Yukesh Singh: कौन हैं प्रिंस युकेश सिंह? बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के निधन के बाद अब बेटे पर टिकी राजनीतिक विरासत

Umashankar Singh Son: बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के निधन के बाद उनके बेटे प्रिंस युकेश सिंह चर्चा में हैं। जानिए कौन हैं प्रिंस युकेश, क्या है उनका प्रोफाइल और मायावती ने क्या कहा।
2 min read
Aug 06, 2026
Prince Yukesh Singh Umashankar Singh BSP Mayawati
बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के बेटे प्रिंस युकेश सिंह की फाइल फोटो

Uttar Pradesh Politics:बलिया जिले के रसड़ा विधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक रहे बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के वरिष्ठ नेता उमाशंकर सिंह के निधन के बाद अब उनकी राजनीतिक विरासत को लेकर चर्चा तेज हो गई है। बसपा प्रमुख मायावती ने शोक व्यक्त करते हुए संकेत दिया कि यदि परिवार की सहमति होगी तो उमाशंकर सिंह के इकलौते बेटे प्रिंस युकेश सिंह को पार्टी राजनीति में आगे बढ़ाएगी।

मायावती के इस बयान के बाद माना जा रहा है कि आने वाले समय में प्रिंस युकेश सिंह रसड़ा की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, उनकी ओर से अभी तक इस संबंध में कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।

पहले से कारोबार संभाल रहे हैं प्रिंस युकेश

प्रिंस युकेश सिंह फिलहाल पारिवारिक इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार से जुड़े हुए हैं। वह CS Infraconstruction Limited के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) हैं। कंपनी में वह वर्ष 2025 में CEO बने, जबकि इससे पहले 2020 से कंपनी के प्रेसिडेंट के रूप में कार्य कर रहे थे। क्षेत्र में भी उनकी सक्रिय मौजूदगी रही है और कई सामाजिक कार्यक्रमों में वह अपने पिता के साथ नजर आते रहे हैं।

उमाशंकर सिंह ने बनाई थी अलग पहचान

उमाशंकर सिंह पूर्वांचल की राजनीति का एक बड़ा चेहरा माने जाते थे। उन्होंने 2012 में पहली बार रसड़ा विधानसभा सीट से जीत दर्ज की और इसके बाद 2017 व 2022 में भी लगातार चुनाव जीतकर अपनी मजबूत पकड़ साबित की। 2022 के विधानसभा चुनाव में जब बसपा पूरे प्रदेश में केवल एक सीट जीत सकी, तब रसड़ा से उमाशंकर सिंह की जीत पार्टी के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि मानी गई। इसी वजह से वह बसपा प्रमुख मायावती के बेहद भरोसेमंद नेताओं में गिने जाने लगे।

परिवार में कौन-कौन?

उमाशंकर सिंह के परिवार में उनकी पत्नी पुष्पा सिंह, इकलौते बेटे प्रिंस युकेश सिंह और बहू कनिका सिंह हैं। प्रिंस युकेश और कनिका सिंह का विवाह फरवरी 2024 में हुआ था। कनिका, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के भाई बृजेश सिंह की बेटी हैं।

अब सबकी नजर अगले फैसले पर

उमाशंकर सिंह के निधन के बाद रसड़ा की राजनीति नए मोड़ पर खड़ी है। मायावती के प्रस्ताव ने यह संकेत जरूर दिया है कि पार्टी उनकी राजनीतिक विरासत को परिवार के जरिए आगे बढ़ाना चाहती है। अब फैसला परिवार और प्रिंस युकेश सिंह के राजनीतिक भविष्य पर निर्भर करेगा कि वे सक्रिय राजनीति में कब और किस भूमिका में उतरते हैं।

Updated on:
06 Aug 2026 03:56 pm
Published on:
06 Aug 2026 03:55 pm