बलिया में बीजेपी नेता राजीव मोहन और उनके बेटे संग दुर्व्यवहार करने के बाद पुलिस ने लॉकअप में डाल दिया था।
बलिया.BJP नेता से दुर्व्यवहार और कार्रवाई करना पुलिस वालों को भारी पड़ गया। इसके लिये थानाध्यक्ष और चार पुलिस कर्मियों को सजा मिली है। पुलिस अधीक्षक ने सभी को लाइन हाजिर कर दिया है। बीजेपी नेता के साथ गाड़ियों की चेकिंग के दौरान नोंकझोंक के बाद बलिया नगा पालिका के पूर्व चेयरमैन हरेराम चौधरी के बेटे राजीव मोहन चौधरी और उनके बेटे को उठा ले गई थी। उन्हें लॉकअप में बंद कर दिया था। इसकी सूचना के बाद तो न सिर्फ पुलिस महकमे में बल्कि सियासी हलकों में भी हड़कम्प मच गया। तत्काल मामला आलाधिकारियों के संज्ञान में पहुंच गया। बड़े नेताओं ने आला अधिकारियों से सम्पर्क किया, उसके बाद जाकर दोनों लोग बाहर आए। सत्ता रहते हुए पार्टी के नेताओं के साथ इस तरह का व्यवहार होने से बीजेपी कार्यकर्ताओं की नाराजगी सातवें आसमान पर पहंच गयी थी। इस मामले में जांच के आदेश दिये गए थे।
मामले की पूरी जांच गंभीरता से करायी गयी, क्योंकि अब इसके लिये शासन की ओर से आदेश आया था। जांच के बाद पुलिस अधीखक श्रीपर्णा गांगुली ने बांसडीह रोड थानाध्यक्ष सत्येन्द्र राय, कांस्टबल अखिलेश यादव, रणजीत सिंह और अभिषेक के खिलाफ कार्यवाही करते हए उन्हें लाइन हाजिर कर दिया।
मामला कुछ यूं था कि रविवार को भाजपा नेता राजीव मोहन चौधरी के बेटे उत्कर्ष राय रविवार को अपने गांव बांसडीह थानाक्षेत्र के सलेमपुर से दूध लेकर अपने तिखमपुर स्थित घर आ रहा था। बताया गया है कि बांसडीह रोड पुलिस ने बाइक रोककर चेकिंग कर दी। उत्कर्ष ने मूल कागज के बजाय उसकी फोटो कॉपी दिखायी और असली कागजात घर पर होने की बात कही। चेकिंग के दौरान पुलिस वालों ने उस पर पुलिसिया रौप झाड़ दिया। पिता को जानकारी हुई तो वह असली कागज लेकर मोके पर पहुंचे। अपना परिचय देने के बावजूद पुलिस ने उनकी एक भी नहीं सुनी। पुलिस से उनकी झड़प भी हुई। बेटे को लॉकअप में जाता देख उन्होंने कहा के मुझे भी हवालात में डालिये। पुलिस ने दोनों को दोनों को हवालात में डाल दिया।
By Amit Kumar