
CG Crime News: किसानों से अनाज खरीदकर उसका भुगतान नहीं करने के मामले में गुरूर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सोंहपुर और रमतरा गांव के करीब 25 किसानों से चना, अरहर, लाखड़ी और बटरी समेत लगभग 10 लाख 79 हजार 500 रुपये का अनाज खरीदने और बाद में रकम नहीं देने के आरोप में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में इस्तेमाल पिकअप वाहन को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक, अप्रैल 2026 में आरोपियों ने किसानों से संपर्क किया था। उन्होंने किसानों को बाजार में मिलने वाली कीमत से ज्यादा दाम देने की बात कहकर अनाज खरीदने का सौदा किया। इस भरोसे में कई किसानों ने अपना अनाज आरोपियों को बेच दिया। आरोपियों ने किसानों का चना, अरहर, लाखड़ी और बटरी पिकअप वाहन में लोड कराया और उसे अपने साथ ले गए। अनाज ले जाने के बाद किसानों को तत्काल भुगतान नहीं किया गया। आरोपियों ने कुछ समय बाद पूरी रकम देने का भरोसा दिलाया।
समय बीतने के बाद भी जब किसानों को उनकी रकम नहीं मिली तो उन्होंने आरोपियों से भुगतान की मांग की। बताया जा रहा है कि किसानों को लगातार भुगतान का भरोसा दिया जाता रहा, लेकिन रकम नहीं मिली। कई बार संपर्क करने और भुगतान की मांग के बावजूद पैसा नहीं मिलने पर किसानों ने मामले की शिकायत गुरूर थाने में की। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू की और आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटाई। जांच के दौरान पुलिस ने भानुप्रताप सिन्हा और इमेन्द्र कुमार ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल पिकअप वाहन भी बरामद कर लिया है। वाहन को मामले की जांच के तहत जब्त किया गया है।
इस मामले में एक अन्य आरोपी हितेश्वर मंडावी का नाम भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, वह फिलहाल फरार है। उसकी तलाश के लिए पुलिस टीम जुटी हुई है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। वहीं गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को पुलिस ने न्यायालय में पेश किया। कोर्ट के आदेश के बाद दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, यह मामला सोंहपुर और रमतरा गांव के करीब 25 किसानों से जुड़ा है। किसानों द्वारा दिए गए अनाज की कुल कीमत लगभग 10 लाख 79 हजार 500 रुपये बताई जा रही है। मामले में पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि किसानों से खरीदा गया अनाज कहां ले जाया गया और इस पूरे लेनदेन में अन्य लोगों की भूमिका थी या नहीं। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले से जुड़े अन्य तथ्यों के सामने आने की संभावना है।