Overloaded : धान परिवहन में लगे ट्रकों को ओवरलोड की खुली छूट है। ट्रांसपोटर्स व मिलर्स यातायात नियमों को ठेंगे पर रखकर धान उठा रहे हैं। ट्रकों में क्षमता से ज्यादा धान ढुलाई से न सिर्फ सड़कें दम तोड़ रहीं हैं बल्कि हादसों की भी आशंका है। शनिवार को जिले के पड़कीभाट रेलवे क्रॉसिंग के […]
Overloaded : धान परिवहन में लगे ट्रकों को ओवरलोड की खुली छूट है। ट्रांसपोटर्स व मिलर्स यातायात नियमों को ठेंगे पर रखकर धान उठा रहे हैं। ट्रकों में क्षमता से ज्यादा धान ढुलाई से न सिर्फ सड़कें दम तोड़ रहीं हैं बल्कि हादसों की भी आशंका है। शनिवार को जिले के पड़कीभाट रेलवे क्रॉसिंग के पास ओवरलोड धान से भरा ट्रक बेरियर में फंस गया। वहीं धान से भरे बारदाना भी सड़क पर गिर गया। अच्छी बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। अगर इस ट्रक के आसपास कोई राहगीर व वाहन चालक रहता तो बड़ी घटना घट सकती थी। वहीं इस घटना के बाद लगभग आधे घंटे तक यातायात प्रभावित रहा सड़क पर वाहनों की जाम लग गई थी।
जिले में 143 धान उपार्जन केंद्रों में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी जा रही है। तेजी से धान खरीदी के कारण केंद्रों में धान जाम हो गया है। जिला विपणन विभाग ने धान उठाने के लिए मिलर्स से समझौता किए हैं। केंद्रों से धान उठाने व संग्रहण केंद्र मालीघोरी, धोबनपुरी, फुंडा, जगतरा धान संग्रहण केंद्रों में परिवहन कराया जा रहा है। लेकिन ट्रकों में ओवरलोड धान भरकर परिवहन किया जा रहा है, जो खतरा साबित हो सकता है।
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रोजाना कई ट्रिप धान ट्रकों में ओवरलोड भरकर ग्रामीण सड़कों पर धड़ल्ले से दौड़ा रहे हैं। ओवरलोड ट्रकों की पहियों से खुरच-खुरच कर ग्रामीण सड़कें आधी हो गई है। हालात इतने बुरे हो चुके हैं कि अब ये ग्रामीण सड़कें दम तोडऩे लगी हैं। यह सब खुलेआम हो रहा है। बावजूद इसके सरकारी नुमाइंदों ने अपनी आंखों में काली पट्टी बांध रखी है, जिसके चलते उन्हें कुछ नजर नहीं आ रहा है।
बेलगाम भारी वाहनों पर लगाम कसने के लिए यहां परिवहन विभाग तो है, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने अपना कामकाज सिर्फ दफ्तरों तक ही सीमित कर रखा है। वाहनों में धान का भार चाहे जितना भी हो, विभाग को तो सिर्फ टैक्स वसूली से मतलब है। यहां पदस्थ अधिकारियों को सड़कों पर कार्रवाई करते शायद ही किसी ने देखा हो। हां इतना जरूर है कि यदि कोई दफ्तर में काम लेकर पहुंचे, तो उसे लंबे-चौड़े नियम जरूर गिनाए जाते हैं। लेकिन ध्यान नहीं दिया जाता।
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दरअसल इस लापरवाही से अगर कोई घटना घट जाती है तो उसके जिम्मेदार कौन रहेगा। ग्रामीण क्षेत्रों की नाजुक सड़कों पर भी ओवर लोड वाहन गुजर रही है। ऐसे में अगर इन ओवरलोड वाहनों से कोई गंभीर घटना घट जाए तो इसके जवाबदार कौन रहेगा। फिलहाल वर्तमान में व्यवस्था सुधारने की बहुत ही ज्यादा जरूरत है।
जिला खाद्य अधिकारी तुलसी राम ठाकुर ने कहा कि इस तरह की जानकारी आपसे मिल रही है। इस पर जानकारी लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।