
मुख्य चिकित्सा कार्यालय बालोद (Photo Patrika)
Balod News: सरकारी नौकरी का इंतजार करते-करते 11 साल बीत गए, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को अब तक नए वाहन चालक नहीं मिल सके। 2014 में 14 पदों की भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी और पैसे के लेन-देन की पुष्टि के बाद पूरी प्रक्रिया रद्द कर दी गई थी। इसके बाद आज तक दोबारा भर्ती शुरू नहीं हो सकी। इसके लिए न स्वास्थ्य विभाग ने पहल की, न स्वास्थ्य मंत्रालय ने संज्ञान लिया। नतीजा यह है कि जिले में स्वास्थ्य विभाग के एंबुलेंस और रेफर वाहन चलाने के लिए सिर्फ 9 वाहन चालक काम कर रहे हैं। इसमें भी सिर्फ एक नियमित है। बाकी कलेक्टर दर पर काम कर रहे है।
स्वास्थ्य विभाग में कई वाहन चालक 15 से 20 साल से लगातार सेवा दे रहे हैं। उन्हें उम्मीद थी कि भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी तो अनुभव के आधार पर नियमित होने का मौका मिलेगा। लेकिन 11 साल की देरी ने इनकी उम्र भी निकाल दी और उम्मीद भी तोड़ दी। वाहन चालकों की कमी के कारण वर्तमान में ड्राइवरों पर अतिरिक्त बोझ है। एक ही ड्राइवर को कई गाडिय़ां संभालनी पड़ रही हैं। इससे न सिर्फ कर्मचारियों पर दबाव है, बल्कि आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
वर्तमान में जिले के स्वास्थ्य विभाग में सिर्फ 9 वाहन चालक कार्यरत हैं। इनमें केवल एक नियमित कर्मचारी है, जबकि बाकी चालक कलेक्टर दर (संविदा/दैनिक वेतन व्यवस्था) पर सेवाएं दे रहे हैं। कम वाहन चालकों के कारण एक-एक चालक को कई वाहनों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। इसका सीधा असर एंबुलेंस और रेफर सेवाओं की उपलब्धता पर पड़ रहा है।
प्रदेश में सरकार बदलने के बाद इन ड्राइवरों को नई उम्मीद जगी थी कि अब भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। लेकिन नई सरकार ने भी इस मामले में कोई ठोस फैसला नहीं लिया।
वाहन चालक भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए हमने शासन को पत्र भेज दिया है। शासन से जैसे ही अनुमति मिलेगी, निर्देशानुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी।
-डॉ. जेएल उइके, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बालोद
Updated on:
22 Jul 2026, 4:14 PM IST
Published on:
22 Jul 2026, 4:13 PM IST
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