ग्रामीणों की अपर कलेक्टर व सीईओ के साथ खूब बहस हुई। उसके बाद ग्रामीणों ने अधिकारी को गुलाब का फूल देकर राशि जारी करवाने की अपील की।
बालोद. दो साल से मनरेगा की मजदूरी नहीं मिलने से नाराज ग्रामीणों ने मंगलवार को कलेक्टोरेट पहुंचे थे। इस दौरान ग्रामीणों की अपर कलेक्टर व सीईओ के साथ खूब बहस हुई। उसके बाद ग्रामीणों ने अधिकारी को गुलाब का फूल देकर राशि जारी करवाने की अपील की।मामला गुंडरदेही विकासखंड के ग्राम कलंगपुर और ग्राम पैरी का है। जहां मनरेगा के तहत किये गए काम की मजदूरी बीते 2 साल से नहीं मिली है।
इसी बात को लेकर कलेक्टोरेट में आयोजित जनदर्शन में ग्रामीणों और अधिकारी के बीच जमकर हंगामा हुआ। यह हंगामा जिला कलेक्टोरेट जनदर्शन कक्ष में लगभग 20 मिनट तक चला और अधिकारियों की कार्यप्रणाली से नाराज ग्रामीणों ने तत्काल मनरेगा की राशि का भुगतान कराने की मांग को लेकर अधिकारी को गुलाब का फूल भेंट करना चाहा पर अधिकारियों ने ग्रामीणों द्वारा लाए फूल को लेने से इनकार कर दिया गया। वहीं इस मामले की जांच के निर्देश भी अपर कलेक्टर ने मनरेगा अधिकारी को दिए हैं।
गुंडरदेही ब्लॉक के ग्राम कलंगपुर में मनरेगा के कार्य में भारी भ्रष्टाचार पंचायत प्रतिनिधियों के द्वारा किया गया है। जनदर्शन में इस मामले की शिकायत करने आए ग्रामीण ज्ञानेश्वर ने बताया की ग्राम पंचायत में गांव के कई मजदूरों का मस्टरोल में फर्र्जी हाजरी भरा गया है। सरपंच ने अपनी पत्नी व माँ का भी हाजरी भरा। इसके अलावा गांव के टीकेश्वर कुमार जिनका शादी 4 से 7 मई 2017 को था टिकेश्वर अपनी शादी में व्यस्त था।
7 मई को बरात गए थे पर ग्राम पंचायत सरपंच सचिव व मेट ने मिलकर जिस दिन टीकेश्वर अपनी बारात में अपने दुल्हन के घर गया था पर मस्टरोल में उसी दिन टीकेश्वर का नाम मनरेगा में काम करने अंकित किया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के लगभग 70 लोगों की मजदूरी भुगतान भी नहीं किया गया है़ दो साल से राशिक के भटक रहे हैं।
कलंगपुर के ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत पर पहले तो अधिकारी ग्रामीणों को जांच की बात कहकर जाने बोल दिए पर जब ग्रामीणों ने अपने तेज तेवर दिखाए और गुंडरदेही जनपद सीईओ प्रकाश मेश्राम पर गुस्सा उतारा तो सभी अधिकारी देखते रह गए ग्रामीणों ने साफ कहा जनपद सीईओ लापरवाह है। इनसे काम नहीं होगा ग्रामीणों ने जनपद सीईओ को गुलाब का फूल भेंट कर रहे थे पर अधिकारी ने लेने से इंकार कर दिया।
इस हंगामे को देखते हुए अपर कलेक्टर धृतलहरे ने तो मनरेगा अधिकारी को तत्काल इस मामले की 10 दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट देने की बात कही। दोषियों पर कार्यवाही की तैयारी की जाएगी। मामले में कलंगपुर के सरपंच गोविन्द राम ने कहा ग्रामीणों द्वारा जो आरोप लगाए गए हैं, वह बेबुनियाद है कहीं कोई गड़बड़ी नहीं हुई है।