बालोद

मां के बगल में 3 साल के मासूम की चिता देख सबकी आंखें हो गई नम

जिले के ग्राम बेलमांड में जब भगेश्वरी और उनके 3 साल के मासूम बच्चे का शव घर पहुंचा तो पूरे गांव में मातम छा गया। नम आंखों से मां-बेटे को ग्रामीणों ने अंतिम विदाई दी। मां बेटे की चिता आसपास सजाई गई थी। चिता में आग देते ही पूरा गांव रो पड़ा। शुक्रवार को गमगीन माहौल में मां-बेटे का अंतिम संस्कार किया गया।

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Sep 06, 2019
मां के बगल में 3 साल के मासूम की चिता देख सबकी आंखें हो गई नम

बालोद@Patrika. जिले के ग्राम बेलमांड में जब भगेश्वरी और उनके 3 साल के मासूम बच्चे का शव घर पहुंचा तो पूरे गांव में मातम छा गया। (Balod patrika) नम आंखों से मां-बेटे को ग्रामीणों ने अंतिम विदाई दी। मां बेटे की चिता आसपास सजाई गई थी। चिता में आग देते ही पूरा गांव रो पड़ा। ( Funeral of mother and son together) शुक्रवार को गमगीन माहौल में मां-बेटे का अंतिम संस्कार किया गया। (Balod police) इस दुर्घटना से दो मासूम बच्चों से मां की ममता छीन गई।

ऐसी हुई थी दुर्घटना
यह दिल दहला देने वाला हादसा बुधवार शाम करीब 6 बजकर 30 मिनट को हुआ था। ग्रामीणों ने बताया कि डौंडीलोहारा विकासखंड के ग्राम पंचायत खैरकट्टा के आश्रित ग्राम पुनारकसा के एक व्यक्ति की तबीयत खराब होने पर उसे (Dallirajhara hospital) दल्लीराजहरा अस्पताल ले गए थे। अस्पताल से लौटते वक्त केरी जुंगेरा नाले में तीन फीट पानी बह रहा था। नाले के पास खड़े ग्रामीणों द्वारा मना करने के बाद ड्राइवर ने वाहन को निकालने का प्रयास किया। पानी के तेज बहाव के सामने गाडी संभल नहीं पाई और बीच धार में बह गई। इस बीच वाहन चालक और एक अन्य व्यक्ति किसी तरह बाहर निकलकर जान बचाने में सफल हो गए। वहीं चार लोग टुकेश्वरी 17 साल, मुकुंद 52 साल, भगेश्वरी 27 साल और तीन साल के नागेश बह गए थे।

सात साल के बड़े बेटे ने दी मुखाग्नि
शव गांव पहुंचा तो मृतिका भगेश्वरी के बड़े बेटे टिकेंद्र सात साल और बेटी वेणुका स्कूल में थी। उसे मां और छोटे भाई की मौत की जानकारी नहीं थी। मासूम बड़े बेटे को प्राथमिक स्कूल से सीधे मुक्तिधाम ले जाकर अंतिम संस्कार कराया गया।

मुक्तिधाम पहुंचते ही मासूम के शव मिलने की खबर आई
जब मृतिका भगेश्वरी के शव को मुक्तिधाम ले जाया गया तो तभी 3 वर्षीय नागेश का शव मिल जाने की सूचना आई। फिर मासूम के शव को भी मुक्तिधाम लाकर अतिम संस्कार किया गया।

मां के बगल में ही मासूम का अंतिम संस्कार
भगेश्वरी का अंतिम संस्कार पहले किया जिसके दो घंटे बाद उसके समीप ही 3 साल के मासूम नागेश का दाह संस्कार किया गया। एक ही जगह पर मां बेटे की दाह संस्कार देख लोगों की आंखें भर आईं। मुक्तिधाम में नागेश के पिता कमलेश सहित परिजन और ग्रामीण आग में धू-धूकर जलती चिता को देख शोक में डूबे हुए थे।

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Published on:
06 Sept 2019 10:45 pm
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