
Breaking News: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के डौंडीलोहारा ब्लॉक स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, खोलझर में पढ़ाई के दौरान अचानक पांच छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। छात्राएं तेज सांस लेने लगीं, उनके हाथ-पैर अकड़ गए और वे एक-एक कर बेहोश हो गईं। घटना से स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया। सभी छात्राओं को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया गया। एक छात्रा को गंभीर स्थिति में जिला अस्पताल रेफर किया गया। फिलहाल सभी छात्राएं खतरे से बाहर हैं, जबकि घटना के कारणों की जांच जारी है।
जानकारी के अनुसार, घटना 29 जुलाई को स्कूल के चौथे पीरियड के दौरान हुई। सबसे पहले कक्षा 10वीं की छात्रा तिजिया यादव की तबीयत अचानक खराब हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वह तेजी से सांस लेने लगी और कुछ ही पलों में बेहोश होकर जमीन पर गिर गई। स्कूल प्रबंधन ने तत्काल एंबुलेंस बुलाकर छात्रा को डौंडीलोहारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा।
पहली छात्रा को अस्पताल भेजे जाने के बाद कक्षा 9वीं और 10वीं की चार अन्य छात्राओं की भी तबीयत बिगड़ने लगी। छात्राओं ने चक्कर आने, घबराहट, सीने में दर्द और हाथ-पैरों में अकड़न की शिकायत की। देखते ही देखते वे भी बेहोश हो गईं। एक के बाद एक छात्राओं के प्रभावित होने से शिक्षक, छात्र और अभिभावक घबरा गए। स्कूल स्टाफ ने तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया और सभी छात्राओं को अस्पताल पहुंचाया।
डौंडीलोहारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों ने सभी छात्राओं का उपचार शुरू किया। चिकित्सकों के अनुसार, एक छात्रा की स्थिति अपेक्षाकृत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल बालोद रेफर किया गया। फिलहाल सभी छात्राएं खतरे से बाहर बताई जा रही हैं और उनकी स्थिति में सुधार हुआ है।
घटना के बाद शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि छात्राओं की तबीयत बिगड़ने के पीछे स्वास्थ्य संबंधी समस्या, मानसिक तनाव, वातावरण या किसी अन्य कारण की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। डॉक्टरों के मुताबिक, जांच रिपोर्ट और स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
गौरतलब है कि इससे पहले जुलाई में दुर्ग जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल में भी इसी तरह की घटना सामने आई थी, जहां दो छात्राओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। बालोद की इस घटना के बाद एक बार फिर स्कूलों में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन ने अभिभावकों से अफवाहों से बचने और किसी भी असामान्य लक्षण की जानकारी तत्काल चिकित्सकों को देने की अपील की है।