सालों से की जा रही थी गड़बड़ी, रेडी टू ईट पर अब सक्रिय हुआ प्रशासन

महिला एवं बाल विकास विभाग के जिम्मेदारों की अनदेखी और लापरवाही से बार-बार यहां की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठ रही है। बच्चों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं।
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Dec 27, 2016
Balod : There was confusion over the years, is now
Balod : There was confusion over the years, is now active on the ready-to-eat Administration
बालोद.महिला एवं बाल विकास विभाग के जिम्मेदारों की अनदेखी और लापरवाही से बार-बार यहां की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठ रही है। इसी कारण नियमों को दरकिनार कर केवल आर्थिक लाभ के लिए रेडी-टू-ईट तैयार किए जा रहे हैं। ऐसा कर वे बच्चों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। बार-बार मामले सामने आने के बाद भी जिले के जिम्मेदार अधिकारी इस लापरवाही की अनदेखी कर भ्रष्टाचार करने वालों को बढ़ावा दे रहे हैं।

अधिकारियों की पकड़ी गई ढिलाई
वहीं सवाल करो तो केवल बहाने से सफाई देने लगते हैं। शिकायत पर मामले में जिला प्रशासन ने हाल ही में जांच कराई तो रेटी टू ईट बनाने में पूरी तरह लापरवाही और स्वास्थ्य की सुरक्षा की अनदेखी करने की बात सामने आई है। इसमें अधिकारियों की ही ढिलाई पकड़ी गई है। साल्हे के समूह द्वारा संचालित रेडी टू ईट के निर्माण व वितरण में गंभीर
अनियमितता बरती जा रही थी, इसके पहले भी जारी नोटिस के बाद समूह के लोगों
ने गलती को स्वीकारते हुए विभाग के अफसरों के समक्ष क्षमा याचना की गई थी।

समूह के कामों में पाई गई हैं ये खामियां
अब दोबारा नोटिस देकर कलक्टर ने समूह को अंतिम अवसर दिया है। एक माह के भीतर जरूरी अधोसंरचना यूनिट स्थापित करना है। पहले समूह द्वारा बिना यूनिट के ही अलग स्थान पर रेडी टू ईट का निर्माण किया जाता था। सभी पंजियों को संधारित करना है। पहले समूह द्वारा कोई हिसाब-किताब दर्ज नहीं किया जाता था। किसी भी स्थिति में सेक्टर के अंतर्गत रेडी टू ईट फूड वितरण बाधित नहीं होना चाहिए। पहले वितरण में लापरवाही के कारण कई केन्द्रों में रेडी टू ईट की सप्लाई नहीं होती थी। यदि निर्धारित समय सीमा में समूह द्वारा सभी निर्देशों का पालन नहीं किया जाता है तो समूह को तत्काल कार्य से पृथक कर दिया जाएगा, जिसके जिम्मेदार स्वयं समूह वाले होगा।

आरोप : परियोजना अधिकारी भी हैं लापरवाही के लिए काफी हद तक जिम्मेदार
मामले में परियोजना अधिकारी सीएल भुआर्य को भी प्रमुख जिम्मेदार माना गया है। उनके द्वारा समूह के कार्यों की कोई निगरानी नहीं की जाती थी। जांच में ये बात सामने आई है कि साल्हे के समूह द्वारा बनाए जाने वाले रेडी टू ईट फूड पैकेट में मात्रा भी कम पाई गई थी। यूनिट शुरू नहीं हुआ था, मिक्सिंग कार्य नियम विपरीत साल्हे के बजाय अन्य जगह पर हो रहा था। गैर सबला किशोरी बालिकाओं का रेडी टू ईट फूड उत्पादन संबंधी कोई रिकार्ड व पंजी संधारित नहीं कराई जाती थी, जिससे योजना में गोलमाल किया जा सके। उक्त सभी लापरवाही से परियोजना अधिकारी के खिलाफ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम तीन का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की गई है।

डौंडी ब्लॉक के समूह को दी गई है अंतिम चेतावनी
अफसरों व महिला समूहों की सांठ-गांठ के कारण जिले में घटिया रेडी टू ईट का निर्माण व वितरण किया जा रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलक्टर राजेश सिंह राणा ने अफसरों को रेडी टू ईट योजना की निगरानी के निर्देश दिए हैं। रेडी टू ईट निर्माण में बरती जा रही अनियमितता पर कलक्टर ने डौंडी ब्लॉक के चिखलाकसा परियोजना क्षेत्र के ग्राम साल्हे के महिला स्व-सहायता समूह पर कार्रवाई की है। साथ ही उस इलाके के परियोजना अधिकारी सीएल भुआर्य की वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई की जा रही है। वहीं साल्हे की समूह जय मां संतोषी स्व-सहायता समूह के अध्यक्ष सचिव को नोटिस जारी किया गया है।

नियम विरूद्ध किए जा रहे थे काम
बालोद कलक्टर राजेश सिंह राणा ने कहा साल्हे के समूह द्वारा नियमों को दरकिनार कर रेडी-टू-ईट का निर्माण व सप्लाई किया जा रहा था। पिछले माह मामले की शिकायत के बाद जांच कराई गई थी। शिकायत सही मिली। इस पर समूह को एक माह के भीतर कार्य प्रणाली सुधारने के लिए व परियोजना अधिकारी का वेतन वृद्धि रोकने के लिए आदेशित किया गया है। आगे भी योजना में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
27 Dec 2016 01:31 pm