जल्दबाजी में सीसी मार्ग का निर्माण करने का नतीजा यह रहा कि बनाने के एक माह में ही यह रोड उखडऩे लगा और अब फिर उखड़ी गिट्टियों को दबाने उस पर डामरीकरण किया जा रहा है।
बालोद . सिंचाई विभाग द्वारा बोटिंग स्थल तक पर्यटकों के पहुंचने के लिए जल्दबाजी में बना दिए सीसी रोड अभी से उखडऩे लगा, तो मार्ग का डामरीकरण किया जा रहा है। मामला आदमाबाद तांदुला जलाशय का है। जहां डेढ़ साल पहले जिला प्रशासन ने जलाशय में बोटिंग (नौका विहार) की शुरुआत की थी।
डामरीकरण किया जा रहा
बोटिंग स्थल तक पर्यटकों के पहुंचने के लिए खनिज न्यास निधि से 39 लाख की लागत से जल संसाधन विभाग ने सीसी मार्ग का निर्माण किया था, पर जल्दबाजी में सीसी मार्ग का निर्माण करने का नतीजा यह रहा कि बनाने के एक माह में ही यह रोड उखडऩे लगा और अब फिर उखड़ी गिट्टियों को दबाने उस पर डामरीकरण किया जा रहा है।
बन रही दुर्घटना का कारण
39 लाख की लागत से बनाए गए इस सीसी रोड में जगह-जगह डामर की परत उखड़ गई है, जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कत होती है। सड़क में दोपहिया वाहन डामर की परत उखड़ने से लहराने लगती है, जो दुर्घटना का कारण बन रही है।
निर्माण के एक माह में ही सत्यानाश
जल संसाधन विभाग से मिली जनकारी के मुताबिक इस सीसी मार्ग का निर्माण फरवरी 2017 में खनिज न्यास निधि के माध्यम से किया गया था। जानकारी यह भी मिल रही रही है कि सीसी रोड निर्माण में विभाग में जल्दबाजी की है और इसी कारण ही सड़क उखडऩे लगी है। समय से पहले सड़क का सत्यानाश हो गया।
अधिकारी बोले स्वीकृत राशि से ही कराया जा रहा डामरीकरण
इधर जल संसाधन विभाग के एसडीओ सीएम मौरवी ने बताया सीसी मार्ग के ऊपर जो डामरीकरण किया जा रहा है वह सीसी मार्ग की राशि से ही है। डामरीकरण के लिए खनिज न्यास निधि से 39 लाख रुपए स्वीकृत हुआ था। उसी में से बची राशि से डामरीकरण किया जा रहा है। इसके लिए कोई अलग से राशि जारी नहीं हुई है। अधिकारी के मुताबिक अब उखड़ी गिट्टी और सड़क डामरीकरण से मजबूत हो जाएगी।