
बालोद @ patrika. जिले में स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालय निर्माण के बाद प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने से हितग्राहियों में नारजगी है। नाराज हितग्राहियों से शासन से राशि दिलाने की मांग की है। कुछ ग्रामीणों में आधी प्रोत्साहन राशि दिये जाने पर आर्थिक गड़बड़ी की आशंका जाहिर की है।
शौचालय नहीं बनाने पर राशन नहीं देने की देते थे धमकी
ग्रामीणों का आरोप है की शौचालय निर्माण के बदले मिलने वाली 12 हजार की प्रोत्साहन राशि में किसी को तीन तो किसी को पांच किसी को छह हजार रुपए ही मिली है। ग्रामीणों ने बताया कि सरपंच और सचिव ने शौचालय निर्माण अनिवार्य कर दिया था और जो शौचलय नहीं बनाए उसके राशन नहीं देने की धमकी दी है। इस मामले पर जिला पंचायत सीईओ ने जल्द ही जानकारी लेकर कार्यवाही की बात कही है।
सरपंच और सचिव की चल रही मनमानी
बडग़ांव ग्रामीणों ने बताया कि, 'हमारे गांव में सरपंच-सचिव की मनमानी चल रही है. पहले कहा गया कि यदि शौचालय नहीं बनाएंगे तो राशन कार्ड निरस्त कर दिया जाएगा। इस तरह दबाव बनाकर शौचालय बनवा गया। कई लोगों ने गहने गिरवी रखकर शौचालय बनवा लिए हैं उन्हें ज्यादा परेशानी हो रही है।
जिन्होंने कमीशन दिया उनका हुआ भुगतान
ग्रामीण रागनी पटेल शहीदाने ने बताया कि, यहां पर सरपंच को जिन लोगों द्वारा कमीशन दिया गया उन्हें भुगतान कर दिया है। कमीशन नहीं देने वालों को चक्कर लगवाया जा रहा है। आखिर हम किससे उम्मीद करें।
नहीं हो रही सुनवाई
प्रशासन के पास भी किसी तरह की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। समझ नहीं आ रहा कि समस्या लेकर कहां जाएं। ऐसा लगता है कि शौचालय बनाकर बहुत बड़ी गलती कर दी।
उधार लेकर बनाया शौचालय
सोमवार को कलक्टर भेंट मुलाकात में जिले के ग्राम गुजरा के ग्रामीण महिलाओं ने शौचालय निर्माण की प्रोत्साहन राशि भुगतान की मांग कलक्टर से की है। ग्रामीणों ने बताया कि दो साल पहले गांव में शौचालय का निर्माण किया गया। ग्रामीण सुमित्रा ने बताया कि गांव में शौचालय निर्माण के लिए सचिव द्वारा यह आदेश निकाला गया था जो शौचालय नहीं बनाएगा उसका राशन काट दिया जाएगा। उधार लेकर शौचालय बनाए दो साल हो गया अभी तक प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है। ये ग्रामीण ममता बाई, चन्द्रकला, सुमित्रा, आहिल्या, बुधारु आदि पहुंचे थे कलक्टर से मिलने।
राशि दिलाने कलक्टर को सौंपा ज्ञापन
जिले के ग्राम बडग़ांव के ग्रामीणों ने शौचालय निर्माण की राशि तत्काल दिलाने की मांग को लेकर सोमवार को कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि जब स्वच्छ भारत मिशन चल रहा था, तब उन्हें शौचालय बनाने के लिए प्रेरित किया गया और शौचालय नहीं बनाने पर राशन कार्ड निरस्त करने की धमकी दी थी। अब शौचालय बनाए 2 साल हो गया और राशि का भुगतान नहीं हुआ है।
ग्राम कांडे में भी इसी तरह की शिकायत
जिले के ग्राम कांडे में भी सरपंच व सचिव पर राशि हजम का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। ग्रामीण शिव कुमार ने बताया कि दो साल पहले शौचालय बनाये थे। आज तक प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है। गांव में ऐसे दर्जनभर से अधिक हितग्राही है।