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सतनामी समाज पर टिप्पणी करके बुरे फंसे सांसद मोहन मंडावी, कह दी ऐसी बात सीधे थाने पहुंच गए पदाधिकारी, BJP में बवाल

भोला दशहरा में सांसद मोहन मंडावी ने सतनामी समाज पर टिप्पणी कर दी, जिससे समाज नाराज हो गया है। सतनामी समाज ने सांसद के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग को लेकर सोमवार को एसपी एमएल कोटवानी को ज्ञापन सौंपा।
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बालोद

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Dakshi Sahu

Oct 01, 2019

सतनामी समाज पर टिप्पणी करके बुरे फंसे सांसद मोहन मंडावी, कह दी ऐसी बात सीधे थाने पहुंच गए पदाधिकारी, BJP में बवाल

सतनामी समाज पर टिप्पणी करके बुरे फंसे सांसद मोहन मंडावी, कह दी ऐसी बात सीधे थाने पहुंच गए पदाधिकारी, BJP में बवाल

बालोद. जिले के पर्रेगुड़ा स्थित भोला पठार में आयोजित भोला दशहरा में सांसद (Kanker MP Mohan Mandavi) मोहन मंडावी ने सतनामी समाज (Satnami Samaj CG) पर टिप्पणी कर दी, जिससे समाज नाराज हो गया है। सतनामी समाज ने सांसद के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग को लेकर सोमवार को एसपी एमएल कोटवानी (SP Balod) को ज्ञापन सौंपा। सतनामी समाज ने कहा है कि आम नागरिकों पर तत्काल कार्रवाई की जाती है। सांसद के खिलाफ भी तत्काल कार्रवाई की जाए। सांसद की इस बात से तो पूरे समाज में विरोध शुरू हो गया। भाजपा (CG BJP) खेमे भी बवाल मच गया है। इस घटनाक्रम की प्रदेश कार्यालय तक चर्चा में है।

भरोसा दिलाया
समाज के पदाधिकारियों ने एसपी से कहा कि यह सांसद है। इस पर कार्रवाई होगी या नहीं। कार्रवाई शून्य तो नहीं रहेगी। समाज ने एसपी से कहा जिस प्रकार सभी मामले पर नियम के तहत कार्रवाई होती है, वैसे ही सांसद पर कार्रवाई करें। एसपी ने उचित व नियम के तहत कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।

संस्कृति पर चर्चा कर रहे
सांसद मोहन मंडावी कार्यक्रम में विभिन्न समाज की पुरानी संस्कृति पर चर्चा कर रहे थे, इसी संदर्भ में टिप्पणी की थी। इसके बाद समाज के उपाध्यक्ष केवल चतुर्वेदी ने बताया कि सांसद मोहन मंडावी पर्रेगुड़ा के भोला पठार में आयोजित कार्यक्रम में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, महिला बाल विकास मंत्री अनिला भेडिय़ा, विधायक संगीता सिन्हा, कुंवर सिंह निषाद की मौजूदगी में टिप्पणी की।

समाज के अशोक टंडन ने बताया कि जिस समय सांसद ने यह बात कही, उस समय सांसद को मालूम भी था कि यहां सतनामी समाज के पदाधिकारी भी हैं। उसके बावजूद सार्वजनिक तौर पर समाज के खिलाफ बोला। यही नहीं जब सांसद का उद्बोधन समाप्त हुआ तो मंच से भी सांसद के सामने ही समाज ने इसका विरोध किया पर सांसद ने दोबारा किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं दी।