
Cyber Fraud Case: पुलिस के तमाम जागरूकता अभियानों के बावजूद बालोद जिले में साइबर ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। साइबर ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। कभी फिल्म डाउनलोड करने के नाम पर तो कभी परिचित बनकर लोगों से पैसे ऐंठे जा रहे हैं। बालोद जिले में सामने आए ताजा मामलों ने एक बार फिर साइबर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
जिले के दो थाना क्षेत्रों में साइबर ठगी के तीन मामले सामने आए हैं। इनमें शिक्षक, किसान और सेवानिवृत्त अधिकारी सहित तीन परिवार साइबर ठगों के निशाने पर आए। अलग-अलग तरीके से की गई इन ठगी में पीड़ितों के खातों से कुल 6 लाख रुपये से अधिक की रकम पार हो गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, फिलहाल ठगी गई रकम वापस नहीं मिल सकी है।
पहला मामला बालोद कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम झलमला का है। यहां एक सहायक शिक्षक साइबर ठगों के जाल में फंस गए। ग्राम झलमला निवासी प्रकाश कुंभकार ने पुलिस को बताया कि वे फेसबुक पर रील देख रहे थे। इसी दौरान उन्हें नई फिल्म 'हनुमान अंश' से संबंधित एक विज्ञापन दिखाई दिया।
फिल्म देखने की उत्सुकता में उन्होंने विज्ञापन में दिए गए लिंक पर क्लिक किया। इसके बाद फिल्म डाउनलोड करने के लिए एक एप्लीकेशन डाउनलोड होना शुरू हुआ। इसी दौरान उनका मोबाइल हैंग हो गया। मोबाइल के इस तरह काम करना बंद करने के बाद उन्हें मामले की गंभीरता का अंदाजा नहीं था।कुछ समय बाद जब उन्होंने अपने बैंक खाते की जानकारी देखी तो उनके होश उड़ गए। खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए करीब 1.34 लाख रुपये निकाले जा चुके थे। इसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी पुलिस को दी।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में फिल्म डाउनलोड करने के नाम पर भेजे गए लिंक और एप्लीकेशन के जरिए ठगी किए जाने की बात सामने आई है।
इस घटना ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले हर विज्ञापन या लिंक पर क्लिक करना कितना जोखिम भरा हो सकता है। साइबर ठग अक्सर लोगों की रुचि और उत्सुकता का फायदा उठाकर आकर्षक लिंक या ऑफर सामने रखते हैं। फिल्म, वेब सीरीज, मोबाइल एप्लीकेशन, इनाम या किसी अन्य आकर्षक सामग्री के नाम पर भेजे गए लिंक के जरिए लोगों को संदिग्ध एप्लीकेशन डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। इसके बाद मोबाइल या बैंकिंग से जुड़ी जानकारी के दुरुपयोग का खतरा बढ़ जाता है।
बालोद जिले में साइबर ठगी का दूसरा मामला भी सामने आया है। इसमें साइबर ठगों ने अलग तरीका अपनाया। आरोपी ने खुद को परिचित बताकर सेवानिवृत्त अधिकारी से संपर्क किया और बातचीत के दौरान उन्हें अपने झांसे में ले लिया। आरोपी की बातों पर भरोसा करने के बाद सेवानिवृत्त अधिकारी ने उसके कहने पर पैसे ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब उन्हें ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने पुलिस से शिकायत की। इस मामले में उनके खाते से करीब 2.66 लाख रुपये की रकम ठगी गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। मामले में लेनदेन से जुड़ी जानकारी के आधार पर जांच की जा रही है।
इसी अवधि में जिले में एक किसान के साथ भी साइबर ठगी का मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने किसान को भी अपने जाल में फंसाकर उसके खाते से रकम निकाल ली। इस मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। इस तरह महज तीन दिनों के भीतर जिले में साइबर ठगी के तीन मामले सामने आए, जिनमें कुल 6 लाख रुपये से अधिक की रकम ठगे जाने की जानकारी सामने आई है।
इन घटनाओं में खास बात यह है कि साइबर ठगों ने तीनों मामलों में एक जैसा तरीका नहीं अपनाया। एक मामले में फिल्म 'हनुमान अंश' डाउनलोड करने के नाम पर लिंक का इस्तेमाल किया गया, जबकि दूसरे मामले में परिचित बनकर भरोसा हासिल किया गया। तीसरे मामले में किसान को निशाना बनाया गया।
इससे साफ है कि साइबर ठग लोगों की परिस्थितियों और उनकी कमजोरियों के अनुसार ठगी के तरीके बदल रहे हैं। ऐसे में किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध एप्लीकेशन डाउनलोड करने या फोन पर किसी व्यक्ति के कहने मात्र से पैसे ट्रांसफर करने से पहले पूरी तरह सावधानी बरतना जरूरी है।
तीनों मामलों में शिकायत के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस साइबर ठगी से जुड़े बैंक खातों और लेनदेन की जानकारी जुटाकर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। फिलहाल पीड़ित परिवार ठगी गई रकम वापस मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच पुलिस लगातार लोगों से सतर्क रहने की अपील करती रही है। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर आने वाले आकर्षक लिंक और फोन कॉल के जरिए लोग ठगों के जाल में फंस रहे हैं। बालोद में सामने आए ये मामले एक बार फिर लोगों को ऑनलाइन लेनदेन के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने का संदेश दे रहे हैं।