बालोद

पानी को तरसे दो गांव, अधिकारियों के पास परेशानियां सुनने का समय नहीं

कलक्टर चुनाव में व्यस्त हैं इसका लाभ जिले के अधिनस्थ अधिकारी उठा रहे हैं। जिस पर पेयजल उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी है वह विभाग भी चक्कर लगवा रहा। विडंबनना है कि तांदुला नहर से लगे ग्राम चारवाही व पीपरेछेड़ी में जलसंकट है।

2 min read
Apr 27, 2019
पानी को तरसे दो गांव, अधिकारियों के पास परेशानियां सुनने का समय नहीं

बालोद. भिलाई इस्पात संयंत्र के दमनभ_ियों को बारहों महीने प्यास बुझाने वाली तांदुला नहर के किनारे बसे ग्राम चारवाही व ग्राम पीपरेछेड़ी के ग्रामीण लगभग एक माह से पेयजल के लिए तरस रहे हैं। पेयजल की समस्या से त्रस्त ग्रामीणों ने मामले को शासन-प्रशासन से अवगत कराया है। पर इसका हल निकालने जिम्मेदार अब तक पहल नहीं की है। ग्राम में बंद पड़े हैंडपंप को सुधारने तक भी संबंधित विभाग नहीं पहुंचा। कहा जाए जिला प्रमुख चुनाव में व्यस्त दिखते हैं और संबंधित अधिकारी जनता की परेशानियां सुनने को तैयार नहीं है।

बच्चे से लेकर बुजुर्गों तक लगाते हैं घंटो लाइन
स्थिति ऐसी हो गई है कि पेयजल के लिए ग्रामीण महिलाओं के साथ युवक, बुजुर्गों के साथ बच्चों को भी सुबह से पानी के लिए दूर जाकर घंटो लाईन लगाकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है तब कहीं जाकर पेयजल उपलब्ध हो पा रहा है। पेयजल समस्या से निजात दिलाने जहां ग्राम पीपरछेड़ी के वासी कलक्टर तक गुहार लगा चुके हैं, वहीं ग्राम चारवाही के ग्रामीणों ने कई दफा पीएचई विभाग का चक्कर लगाने के बाद भी समस्या का हल नहीं निकल पाया है। मामले में ग्रामीणों का कहना है इस परेशानी के दौरान कोई भी अधिकारी, कर्मचारी हमारी बात सुनने तैयार नहीं है। सभी चुनाव में व्यस्तता बताते हैं।

ये भी पढ़ें

ऋण देने के नियम में हुआ बदलाव, अब किसानों को कराना होगा ऑनलाइन रजिस्टर्ड

1300 की आबादी एक मात्र बोर के भरोसे
सरपंच सुनिति ठाकुर ने बताया कि लगभग 1300 की आबादी वर्तमान में महज एक शासकीय बोर के भरोसे है। ग्राम में दो हैंडपंप है जिसका जल स्तर नीचे चले जाने से बंद पड़े हैं, वहीं निजी घरों में लगे कुछ बोरपंप भी जवाब दे चुके हैं। नलजल योजना के तहत् एक मात्र शासकीय बोर पंप का भी जल स्तर नीचे चले जाने से घरों तक पानी की सप्लाई नहीं हो पा रहा है। बोर पंप के समीप ही पाईप खोलने पर पानी उपलब्ध हो पा रहा है। ग्रामीण भवरराम साहू, मन्नू साहू, नकुल साहू, रूपनारायण ठाकुर, छन्नूराम साहू, हुकूम साहू, संजय साहू सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया पेयजल के साथ ही ग्राम स्थित दो तालाब में से एक तालाब सूख जाने से निस्तारी एक तालाब के भरोसे काम चलाया जा रहा है।

अधिकारी ने कहा मुझे जानकारी नहीं
ग्रामीणों ने बताया आवेदन सौंपकर जिला प्रशासन से शीघ्र पहल कर समस्या का समाधान करने की मांग की है। पीएचई विभाग, बालोद के ईई आरके शुक्ला ने मामले में कहा कि मुझे जानकारी नहीं है। शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारी को भेजकर उन गांवों की स्थिति का जायजा लेता हूं।

ये भी पढ़ें

नारायणपुर के अबूझमाड़ में खुला आजादी के बाद पहला मेडिकल स्टोर
Updated on:
27 Apr 2019 12:23 am
Published on:
27 Apr 2019 08:02 am
Also Read
View All