बालोद

बेमौसम आफत की बारिश से जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त, फसल बर्बाद

अंचल में दो दिनों की तेज बारिश से एक तरफ दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो गई है, तो दूसरी ओर मौसम में ठंडकता महसूस की जा रही है।

2 min read
Apr 16, 2018
rain

बालोद/गुरुर . अंचल में दो दिनों की तेज बारिश से एक तरफ दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो गई है, तो दूसरी ओर मौसम में ठंडकता महसूस की जा रही है। शुक्रवार और शनिवार को दिनभर बदली छाए रहने के बाद शाम को तेज आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई। अप्रैल में तेज गर्जना के साथ हुई बारिश ने ग्रामीणों को सावन-भादो की याद दिला दी। रविवार को भी बूंदाबांदी हुई है।

आधे घंटे हुई बारिश
एक सप्ताह से बदली छाई हुई है। दोपहर कड़ी धूप और शाम होते ही ठंडी हवा चल रही, दिनभर गर्मी और उमस से भी लोग परेशान थे। अचानक दो दिनों की बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। शुक्रवार और शनिवार शाम को तेज गर्जना के साथ लगभग आधे घंटे तक बारिश होती रही।

सामान छोड़ भागे सुरक्षित स्थानों में
आंधी तूफान के समय ग्राम कोलिहामार के बाजारों में कुछ समय के लिए अफरा तफरी की स्थिति हो गई थी, बारिश बढऩे के बाद सभी व्यापारी अपना सामान छोड़ सुरक्षित स्थान की ओर दौड़े। शनिवार को सुबह बारिश के बाद दिनभर बदली छाई रही। इसके बाद शाम होते ही फिर बारिश शुरू हो गई।

रविवार को भी बदली के कारण उमस की स्थिति बनी रही। अंचल के गांवों में बारिश के कारण दिनचर्या अस्त-व्यस्त नजर आई, वर्तमान में ब्लॉक के अधिकांश ग्रामों में रोजगार गारंटी योजना के तहत कार्य चल रहा था लेकिन कार्य स्थल पर पानी भरने या कीचड़ हो जाने से कार्य बंद करना पड़ा।

बारिश से गांवों में फैला कीचड़
शुक्रवार व शनिवार को हुई तेज बारिश व रविवार को हल्की बारिश से अंचल के ग्रामों, पहुंच मार्गों व गली-मोहल्लों में कीचड़ की स्थिति बन गई। कीचड़ से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी होती रही। बारिश के दौरान क्षेत्र के अधिकांश ग्रामों में घंटों बिजली बंद रही। शुक्रवार व शनिवार को हुई बारिश सेे शासकीय हायर सेकंडरी छेडिय़ा के मैदान में पानी जमा हो गया है। पानी भरने से स्कूल के सामने मैदान तालाब सा प्रतीत हो रहा है।

Updated on:
16 Apr 2018 12:30 am
Published on:
16 Apr 2018 09:00 am