
बालोद. बदले हुए मौसम का असर लोगों के स्वास्थ्य पर दिखने लगा है। लगातार बारिश और मौसम में नमी होने से लोग तेजी से बीमार हो रहे हैं। अस्पतालों में सर्दी, खांसी, उल्टी, दस्त, पेट दर्द सहित वायरल के मरीजों की संख्या बढ़ गई हैं। मलेरिया के मरीजों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है। सामान्य दिनों में ओपीडी की सीमा 140 से 160 है, पर अब 350 की संख्या तक पहुंच गई है।
भर्ती मरीजों की संख्या में भी इजाफा
जिला सहित जिले भर के सभी शासकीय व निजी अस्पतालों में मरीजों की लाइन सुबह से रात तक देखी जा सकती है। पिछले कुछ दिनों में अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। अस्पताल में ओपीडी के दर्ज आंकड़े इस बात को बता रहे हैं कि अगर हम खानपान या रहन-सहन में थोड़ी भी असावधानी बरते तो किसी न किसी बीमारी से पीडि़त हो सकते हैं।
बच्चों में पेट दर्द की शिकायत अधिक
अस्पताल रिकार्ड के अनुसार वर्तमान में ओपीडी की संख्या 300 से 350 तक पहुंच रही है। दूसरी ओर अस्पतालों में मलेरिया के मरीज भी पहुंचने लगे हंै। बच्चों में सबसे अधिक पेट दर्द की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्कूलों में भी कई बच्चों से पेट दर्द की शिकायत मिलने लगी है। कुछ दिनों से स्कूल से ही इलाज के लिए बच्चों को जिला अस्पताल लाया गया है।
अस्पताल में भर्ती हो रहे प्रतिदिन 6 मरीज
मौसम का असर ऐसा हो रहा है कि अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 300 से ज्यादा लोग जांच एवं चेकअप करवा कर दवाई लेकर जा रहे हैं। उलटी-दस्त के साथ बुखार के मरीज रोजाना आ रहे हैं। इधर सप्ताहभर पहले जिला अस्पताल में 5 मलेरिया के मरीज भर्ती थे, रविवार को फिर दो नए मरीजों को भर्ती कराया गया है। जब से मौसम में बदलाव हुआ है तब से मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। रोज लगभग आधा दर्जन से अधिक मरीज अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं।
दो चिकित्सक कर रहे 300 से ज्यादा लोगों की जांच
जानकारी अनुसार मरीजों की संख्या ज्यादा होने के कारण लंबी कतार देखी जा रही है। कुछ लोग तो सिर्फ दवा लेकर ही चले जाते हैं। सामान्य तौर पर ओपीडी में मरीजों की संख्या 120 से 150 तक रहती है, पर इस बारिश के मौसम में इसकी संख्या बढ़कर 300 से अधिक हो गई है। इतनी संख्या में भी दो चिकित्सक ही इन्हें जांच कर दवाई लिख रहे हैं।
बाजार में खुले खाद्य पदार्थ या रेडिमेड फूड खाने से बचें : डॉ. जितेंद्र
शासकीय अस्पताल के चिकित्सक डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि इन दिनों बरसात की वजह से मौसमी बीमारी का फैलना शुरू हो जाता है। ऐसे में हमें स्वास्थ्य के प्रति सचेत हो जाना चाहिए। लगातार सावधानियां बरतनी चाहिए। पानी की स्वच्छता का ध्यान रखें, बाजार में खुले में बेचे जाने वाले, रेडिमेड फूड, तली खाद सामग्री का सेवन न करें। फिल्टर युक्त या उबाल कर पानी पिएं। चिकित्सक ने कहा मच्छर से बचने के लिए गड्ढों में भरे पानी को साफ कराएं और वहां जला तेल डलवाएं। पीने वाले पानी को ढंक कर रखें। चिकित्सक ने कहा स्कूल संचालक भी पीने का पानी का विशेष ध्यान रखें, मध्याह्न भोजन के समय बच्चों के हाथ अच्छे से धुलवाएं।