बालोद

सरकार की जय हो: पांच साल से नहीं मिली राष्ट्रीय सघन प्रावीण्य छात्रवृत्ति

राष्ट्रीय सघन प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा करा तो ली गई पर परीक्षार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई। ऐसे में विद्यार्थियों का भी इस परीक्षा से मोहभंग हो गया है।  

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Jul 06, 2018
सरकार की जय हो: पांच साल से नहीं मिली राष्ट्रीय सघन प्रावीण्य छात्रवृत्ति

सतीश रजक/बालोद. बालिकाओं को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने, उन्हें अवसर प्रदान करने के लिए जिले में राज्य सरकार तरह-तरह की परीक्षाएं आयोजित कराती है। उसके बाद उसका परिणाम क्या रहा इसका पता विभाग को रहता है और न बच्चों को। ऐसे में कहा जाए विद्यार्थियों के साथ धोखा किया जा रहा है।

विद्यार्थियों का भी इस परीक्षा से मोहभंग
इसका ताजा उदाहरण केंद्र सरकार के राष्ट्रीय सघन प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा का आयोजन है। यह परीक्षा करा तो ली गई पर परीक्षार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई। ऐसे में विद्यार्थियों का भी इस परीक्षा से मोहभंग हो गया है। ऐसे में कम विद्यार्थी इस परीक्षा में शामिल हो रही हैं। जिम्मेदारों की यही लापरवाही के कारण छात्रवृति के लिए अब विद्यार्थी अधिकारियों तक बहस करने लगे हंै।

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दफ्तरों का चक्कर लगाने को हैं मजबूर
चौकाने वाली बात यह है कि जिले में बीते 5 वर्षों से हो रही परीक्षा में आज तक एक भी छात्राओं को इस छात्रवृत्ति योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। शिक्षा विभाग के एक आंकड़े के मुताबिक बीते पांच वर्षों में कुल 1033 विद्यार्थियों को इस छात्रवृति योजना का लाभ नहीं मिल पाया। सूत्रों के मुताबिक इन विद्यार्थियों को लगभग 51 लाख 65 हजार रुपए छात्रवृत्ति का रुका हुआ है। पर केंद्र व राज्य सरकार इस ओर ध्यान ही नहीं दे रही है। अब ये विद्यार्थी विभागों का चक्कर लग रहे हैं।

हर साल होती है राष्ट्रीय सघन प्रावीण्य परीक्षा
बता दें कि जिले में हर साल राष्टीय सघन प्रावीण्य छात्रवृति परीक्षा का आयोजन करते हंै। इसमें कक्षा आठवीं के विद्यार्थी भाग लेते हैं, पर स्थिति को देखते हुए इस परीक्षा में भाग लेने वाली विद्यार्थियों की संख्या घट रही है। जानकारी के मुताबिक इस परीक्षा में सफल होने वाले विद्यार्थियों को जिस सत्र में परीक्षा दिलाए हैं उसे उस वर्ष के 10 माह तक 500 रुपए हर माह छात्रवृत्ति देनी है। इधर शिक्षा विभाग से मिले आंकड़े भी हैरान करने वाले हंै। जिले में पांच वर्ष में कुल 1033 परिक्षार्थी को लगभग 51 लाख 65 हजार रुपए छात्रवृति के होते हैं जो नहीं मिला।

जिले के 13 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को नहीं मिली स्कूल छात्रवृत्ति
जिले में विद्यार्थियों को छात्रवृति देने की योजना तो है, पर ताज्जूब कि विद्यार्थियों को बीते दो वर्ष से छात्रवृत्ति नहीं मिली है। 2017-18 में भी जिले के 13690 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई है।
शिक्षा विभाग के ऑनलाइन पोर्टल में कक्षा तीसरी से बारहवीं तक कुल 88968 विद्यार्थी हैं। इनमें से 74678 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मिल गई, पर अभी 13690 विद्यार्थियों की राशि अधर में है। जानकारी के मुताबिक जिले के इन विद्यार्थियों को 3 करोड़ 69 लाख 98 हजार 8 सौ 25 रुपए का छात्रवृति बाकी है।
इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी बीआर ध्रुव ने कहा कि रुकी हुई छात्रवृति के तत्काल भुगतान के लिए शासन को जानकारी दे दी गई है। यह शासन स्तर का मामला है।

वर्ष विद्यार्थियों की संख्या
2013-14 293
2014 -15 331
2015-16 240
2016-17 08
2017-18 60

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Published on:
06 Jul 2018 12:44 pm
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