
स्कूल भवन
बालोद. राज्य शासन ने 18 जून से सभी शासकीय व अशासकीय स्कूल में नए शिक्षण सत्र की शुरुवात कर दी है। जगह-जगह स्कूलों में प्रवेशोत्सव मनाया जा रहा है पर इस बार भी जिले के हजारों छात्र-छात्राओं को शिक्षकों की कमी से जूझना पड़ेगा। दूसरी ओर नए शिक्षण सत्र में शिक्षकों को भी गुणवत्ता की चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, उसे किसी भी हाल में शत-प्रतिशत रिजल्ट लाना है।
दिनचर्या में करना पड़ रहा बदलाव
डेढ़ महीने की ग्रीष्मकालीन छुट्टी पूरी होने के बाद प्राइवेट समेत शासकीय स्कूलो में फिर से रौनक बढ़ गई है और अब स्कूल में प्रवेश का दौर चल रहा है। छात्र-छात्राओं को भी अपनी दिनचर्या में बदलाव करना पड़ रहा है। नए शिक्षण सत्र को देखते हुए गर्मी छुट्टी में स्कूलों की समस्या दूर हो जानी थी, लेकिन शासन प्रशासन व शिक्षा विभाग ने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया। यही वजह है कि समस्या जस की तस है। अभाव के बीच इस साल भी छात्र-छात्राओं को पढ़ाई करनी होगी।
खतरों के बीच पढ़ाई करने मजबूरी
शिक्षा विभाग के सूत्रों की माने तो जिले में शासकीय स्कूलों की स्थिति बेहद ही खराब है। कई स्कूलों में तो पर्याप्त शिक्षक भी नहीं है। इसके अलावा स्कूलों की स्थिति भी दयनीय है। कई स्कूल में तो भवन जर्जर हैं। जर्जर भवनों में खतरों के बीच बच्चे पढ़ाई करने की मजबूरी हो गई है। जबकि अभी बारिश का भी दिन है कई स्कूलों में तो सीपेज बच्चों को परेशान करेंगे।
निराशाजनक रहा परिणाम
शासन शिक्षा गुणवत्ता पर विशेष जोर दे रहा है। इसके बाद भी जिले में इसकी गुणवत्ता सुधर नहीं रही है। माध्यमिक शाला के बच्चों को ठीक से पढऩा लिखना नहीं आता है। इस बार दसवीं और बारहवीं का रिजल्ट भी निराशाजनक रहा। इस बार एक भी छात्र मेरिट में स्थान नहीं बना पाया।
वनांचल की स्थिति को सुधारने पर करें प्रयास
जिले के वनांचल क्षेत्र में भी स्कूलों की स्थिति देखने वाला कोई नहीं है। इस क्षेत्र में भी स्कूल के लिए सड़क, अच्छे भवन नहीं मिल पाए हैं। अभी भी कई स्कूल भवन की स्थिति चिंता जनक है। इस ओर शासन-प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। जानकारी के मुताबिक जिले में 200 से ज्यादा स्कूल हैं, जो जर्जर है।
जिले में शासकीय स्कूल एक नजर में
ब्लॉक प्राथमिक माध्यमिक हाईस्कूल हायर सेकंडरी
बालोद 108 53 12 16
गुरुर 137 68 09 23
डौंडीलोहारा 231 117 10 06
गुंडरदेही 172 89 06 34
डौंडी 172 82 10 22
ये है शिक्षकों की स्थिति
शिक्षक पद कार्यरत रिक्त पद
सहायक शिक्षक 2272 2337 65 अति.
शिक्षक पंचायत 1769 1501 268
व्यख्याता 1997 1782 215
प्राचार्य 173 131 42
प्रधान पाठक मा. 404 307 97
प्रधान पाठक प्रा. 815 438 377
स्टीमेट राज्य सरकार को दे दी गई है
बालोद जिला शिक्षा अधिकारी बीआर ध्रुव ने बताया इस नए शिक्षण सत्र में शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कमजोर परफॉर्मेंस वाले स्कूलों पर पैनी नजर रखी जा रही है। जर्जर भवनों की जानकारी व स्टीमेट राज्य सरकार को दे दी गई है। राज्य से राशि स्वीकृति के बाद भवन की मरम्मत की कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
24 Jun 2018 09:00 am
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