बालोद

सुबह स्कूल गए तब सब ठीक था, वापस लौटे तो बच्चों की जान पर बन आई

डौंडी ब्लॉक मुख्यालय से ग्रामीण क्षेत्रों को जोडऩे वाली सड़कों पर नालों में बनी पुलिया के ऊपर से पानी चल रहा है। ग्राम पंचायत चिहरो का दिघवाड़ी नाला उफान पर आने से इस क्षेत्र का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

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सुबह स्कूल गए तब सब ठीक था, वापस लौटे तो बच्चों की जान पर बन आई

बालोद/डौंडी. क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण ब्लॉक मुख्यालय से ग्रामीण क्षेत्रों को जोडऩे वाली सड़कों पर नालों में बनी पुलिया के ऊपर से पानी चल रहा है। इसी के कारण सोमवार को ग्राम पंचायत चिहरो का दिघवाड़ी नाला उफान पर आने से इस क्षेत्र का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पुल के ऊपर लगभग 4 से 5 फीट पानी बह रहा है।
जानकारी अनुसार सुबह जब स्कूली बच्चे व ग्रामीण दिघवाड़ी नाले से गुजरे, तो स्थिति सामान्य थी। उसके बाद लगभग एक बजे के आसपास लौटे, तो नाला उफनने लगा था। ऐसे में घर लौटने वाले 35 स्कूली बच्चों के साथ ग्रामीण भी फंस गए। इस दौरान किसी बाढ़ नियंत्रण दल का अता-पता नहीं था।

प्राचार्य, बीईओ और तहसीलदार ने किया बस का इंतजाम
मामले की जानकारी मिलते ही हाई स्कूल दिघवाड़ी के प्राचार्य ओपी साहू पहुंचे और बच्चों के साथ रहे। उनको राहत पहुंचाने उनके लिए नास्ता व पेयजल की व्यवस्था की, किन्तु अभी तक प्रशासन की ओर से कोई भी सहायता नहीं आई थी। लगभग 5 बजे के आसपास तहसीलदार सोनित मेरिया व विकासखंड शिक्षा अधिकारी आरआर ठाकुर मौके पर पहुंचे, उसके बाद बच्चों को बस के माध्यम से नाला पार कराकर घर भेजा गया।

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फंसे ग्रामीणों की चिंता, रात को हम क्या करेंगे?
इधर अभी भी कई ग्रामीण नाले के उस पार फंसे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है दोपहर 1 बजे से हम फंसे हैं। अधिकारियों को जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद कोई भी अधिकारी या पुलिस प्रशासन मौके पर नहीं पहुंचा। ऐसे में कोई घटना घटने की स्थिति बन सकती है। मामले में तहसीलदार का कहना है ग्रामीणों के लिए 4- 5 कोटवारों की व्यवस्था की गई है। पुलिस विभाग भी अपनी व्यवस्था कर रहा है, किन्तु समाचार लिखे जाने तक अधिकारी के जाने के बद न तो कोई कोटवार पहुंचा था और ना ही पुलिस का कोई सिपाही। ग्रामीणों को निकालने की व्यवस्था नहीं हो पाई थी।

बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाया
विकासखंड शिक्षा अधिकारी आरआर ठाकुर ने बताया बाढ़ में फंसे स्कूली बच्चों को बस के माध्यम से निकाला गया है। उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाया जा चुका है।

पुलिस व्यवस्था एवं कोटवार तैनात किया गया है
वहीं तहसीलदार सोनित मेरिया ने बताया जानकारी मिली थी कि कुछ स्कूली बच्चे व ग्रामीण नाले के बाढ़ में फंसे हुए हैं। बच्चों को बस के माध्यम से घर भेजा गया। ग्रामीणों के लिए पुलिस व्यवस्था एवं कोटवार तैनात किया गया है।

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Updated on:
20 Aug 2018 11:47 pm
Published on:
21 Aug 2018 08:20 am
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