
बालोद/पलारी . नवतपा के पहले दिन पलारी क्षेत्र में तेज बारिश और आंधी आई। इससे लोगों के घरों के टिन शेड, छप्पर उड़ गए। कहीं-कहीं बिजली के तार और पोल टूट कर गिर गए। इसके अलावा पेड़ के उखड़ कर गिरने की भी खबर है। पेड़ को घंटों मशक्कत के बाद हटाया जा सका। पलारी में आंधी में ग्रामीण नाथूराम के घर का पूरा छप्पर उड़ कर पवन ठाकुर के घर जा गिरा, उस वक्त घर पर उनकी मां और उसका बेटा सो रहे थे। गनीमत रही कि वे उनकी चपेट में आने से बच गए। आनन-फानन में मां व बेटे को वहां से बाहर निकाला गया। छप्पर वजन होने के कारण पवन ठाकुर के घर का छप्पर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और दीवारों पर भी क्रेक आ गया।
10 टिन शेड उड़ गया
पलारी के ही टेकराम साहू के घर के ऊपर लगा 10 नग टिन शेड उड़ कर गांव की मुख्य गली में जा गिरा, उस समय गली में कोई राहगीर नहीं था। इससे बड़ा हादसा टल गया। 10 नग टिन शेड खंभों सहित उखड़ कर रास्ते में जा गिरा। उस वक्त घर पर भाई बहन व उनकी दादी थी।
बिजली का तार टूट कर तालाब में गिरा करंट फैलने से मर गईं मछलियां
पलारी के समीप का गांव सांगली में निस्तारी तालाब के बीच से गई बिजली की मेन लाइन का तार टूट कर तालाब में जा गिरा, जिससे तालाब में मछलियां करंट से मर गयी। रात के समय कोई इंसान तालाब में नहीं गया था, अन्यथा किसी भी जान जा सकती थी। सूचना मिलते ही बिजली विभाग के कर्मचारी तार व खंभों की मरम्मत कार्य में लग गए। क्षेत्र के सनौद, बोहारा, अरकार, डोटोपार, भिरई आदि गांव में तूफान की वजह से कई पेड़ टूट कर गिर गए हैं।
नवतपा के दूसरे दिन भी छाए बादल
बालोद/दल्लीराजहरा . 25 मई से नवतपा शुरू हो गया है। पहले दिन तेज धूप के बीच गर्म हवाओं के चलने से तापमान भी बढ़ा, जिससे लोगोंं को वातावरण में अधिक गर्मी का एहसास हुआ। गर्मी इस कदर थी कि कूलर व पंखे भी लोगों को राहत नहीं दे पा रहे थे। वहीं नवतपा के दूसरे दिन शाम को आसमान में बादल घिर आए और ठंडी हवाएं चलने के साथ बूंदाबांदी होने से वातावरण खुशनुमा हो गया, जिससे नगरवासियों को तपती गर्मी से कुछ राहत मिली।