बालोद

राजमाता विजयाराजे विवाह प्रोत्साहन योजना में एक व्यक्ति को थमा दिया 17 हितग्राहियों का चेक

जिला श्रम विभाग में भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक के बाद एक मामले सामने आ रहे हैं। राजमाता विजया राजे विवाह योजना में गड़बड़ी का खुलासा करने के बाद अब पत्रिका को इस योजना में एक और गड़बड़ी होने की जानकारी मिली है।
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Updated: 7 Aug 2018, 9:10 AM IST
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राजमाता विजयाराजे विवाह प्रोत्साहन योजना में एक व्यक्ति को थमा दिया 17 हितग्राहियों का चेक

बालोद. जिला श्रम विभाग में भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक के बाद एक मामले सामने आ रहे हैं। राजमाता विजया राजे विवाह योजना में गड़बड़ी का खुलासा करने के बाद अब पत्रिका को इस योजना में एक और गड़बड़ी होने की जानकारी मिली है। बालोद जिला श्रम विभाग तो राजमाता विवाह प्रोत्साहन योजना को सही तरह से क्रियान्वित नहीं कर पा रहा है।

प्रभारी श्रम अधिकारी कह रहे जांच की बात
इस बार दूसरे हितग्राहियों का चेक किसी अन्य व्यक्ति को एक साथ दे दिया गया है। राजमाता विजयाराजे विवाह प्रोत्साहन योजना के नए मामले में पूर्व श्रम अधिकारी के कार्यकाल में 17 हितग्राहियों का चेक एक ही व्यक्ति को देने का मामला सामने आया है, जबकि नियम के तहत इस योजना का चेक केवल हितग्राहियों के हाथों में ही देना है। मामला सामने के बाद अब इस मामले में भी प्रभारी श्रम अधिकारी जांच करने की बात कह रहे हैं। हालांकि इस मामले में पूर्व श्रम अधिकारी संजय सिंह ने किसी भी तरह की जानकारी नहीं होने की बात कही है। अब तक मिली जानकारी में कई मामले नियम विरुद्ध योजना का लाभ उठाने की बात सामने आई है। पर भी जिला प्रशासन की ढिलाइ समझ से परे है। ऐसा लगता है कि उनको इन सबसे मतलब नहीं है। श्रम विभाग में गड़बड़ी उजागर हो रही है, पर प्रशासनिक अमला मौन दिख रहा है।

एक दिन में 17 हितग्राहियों के 3 लाख का चेक जारी
पत्रिका को मिली जानकारी के मुताबिक श्रम विभग के अधिकारी ने 29 अगस्त 2017 को चेक क्रमांक 003003 से 003003 तक का चेक थलेश कुमार देशमुख व आनंद राम को दिया है। चेक में 17 चेक में थलेश कुमार व 2 चेक में आनंदराम का हस्ताक्षर है। कुल 19 चेक से 3 लाख 40 हजार रुपए का चेक जारी किया गया है। पर नियम के तहत यह गलत है, क्योंकि इस योजना में जो हितग्राही है उसे ही चेक का वितरण करना है। किसी अन्य व्यक्ति को चेक जारी नही कर सकते, पर विभाग के जिम्मेदारों को यह भी मालूम नहीं है कि आखिर जिनका चेक है उन्हें राशि मिली है या नहीं, अगर चेक मिल भी गया है, तो पूरी राशि मिली है कि नहीं।

आखिर किस उद्देश्य से जारी किया एक व्यक्ति को इतना चेक
यहां सवाल उठ रहे हैं कि श्रम विभाग की बार-बार सामने आ रही गड़बड़ी के पीछे क्या कारण है? ये बात किसी भ्रष्टाचार की ओर इंगित करता है। यह बात विभाग के ही जिम्मेदार ही बता पाएगा, पर बार-बार सामने आ रही गड़बड़ी में तो अब इस राजमाता विजया राजे विवाह प्रोत्साहन योजना के क्रियान्वन पर ही सवाल उठ रहे हैं। आशंका है अगर इस योजना के क्रियान्वय की जांच की जाए तो और भी मामले सामने आ सकती है। कहीं इस मामले में कमीशन का खेल तो नहीं चल रहा है?

दो बड़ी गड़बडिय़ों पर नही हुई दोषियों पर कार्रवाई
श्रम विभाग के इस राजमाता विजयाराजे विवाह प्रोत्साहन योजना में तो दलाल सक्रिय थे, जो लोगों से फर्जी दस्तावेज व फर्जी शादी कार्ड छपवाकर या फिर आठ साल की बच्ची को शादीशुदा बताकर इस योजना से मिलने वाले 20-20 हजार रुपए को हड़पना चाहते थे, पर सही समय पर जांच में यह गड़बड़ी पकड़ी गई। जांच में 15 लोगों पर एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी बीते 4 माह से चल रही है, पर मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है।

दोषी पर कार्रवाई की जाए
पूर्व जिला श्रम अधिकारी बालोद संजय सिंह ने कहा इस मामले की जानकारी मुझे नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो गलत है। इस मामले की जांच की जाए और दोषी पर कार्रवाई की जाए।

जांच की जाएगी
प्रभारी श्रम अधिकारी बालोद संगीता नेताम ने कहा इस मामले की जांच की जाएगी। जांच अभी शुरू नहीं हुई है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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