बालोद

घर से निकलने वाले कचरे ने बदली महिलाओं की जिंदगी, आर्थिक रूप से संबल होकर समाज और परिवार को दे रही मजबूती

बालोद नगर को मिशन क्लीन सिटी के तहत स्वच्छ सुंदर बनाने के लिए नगर की 4 महिला समूह के 40 सदस्य रिक्शा लेकर नगर के सभी 20 वार्डों में घर-घर जाकर कचरा इकट्ठा कर रही है।
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Updated: 30 Sep 2018, 3:16 PM IST
patrika
घर से निकलने वाले कचरे ने बदली महिलाओं की जिंदगी, आर्थिक रूप से संबल होकर समाज और परिवार को दे रही मजबूती

बालोद. मिशन क्लीन सिटी के तहत घर-घर से निकलने वाले कचरे से अब महिला कचरा इक_े करने वाले महिला समूह इन कचरों बेचकर अपने समूह का आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहे है। बता दे कि बालोद नगर को मिशन क्लीन सिटी के तहत स्वच्छ सुंदर बनाने के लिए नगर की 4 महिला समूह के 40 सदस्य रिक्शा लेकर नगर के सभी 20 वार्डों में घर-घर जाकर कचरा इकट्ठा कर रही है। घरों से निकलने वाले सूखे कचरे की छंटनी कर इन महिलाओं ने बीते सात माह के भीतर ही 20 हजार रुपए का कचरा बेच दिया।

महिलाओं ने बेचा 20 हजार का कचरा
ज्ञात हो कि लोग घरों में व्यर्थ कचरा जैसे प्लास्टिक, टूटे लोहे, जर्मन, शीशी, कागज-पेपर सहित और भी कई कचरे रहते हैं, इन्हें कचरा पेटी में डाल देते हैं पर इन कचरों की छंटनी ये महिला समूह कर प्लास्टिक, लोहे, कागज आदि को बेच दे हैं। अब तक ये महिलाएं 20 हजार रुपए तक का कचरा बेच चुकी है।

गार्डन और पौधों में खाद का होगा उपयोग
नगर पलिका के मुताबिक कंपोस्ट खाद को नगर पालिका किसानों को बेचेगी। नगर पालिका सीएमओ रोहित साहू ने बताया कि नगर पालिका कंपोस्ट खाद का उपयोग पहले नगर के गार्डनों में लगाए पेड़-पोधे में करेगी, जिसके बाद बाकी खाद को किसानों को कृषि विभाग से किसान सम्मेलन आयोजित कर बेचेगी।

कंपोस्ट खाद बना रही
इधर घरों से निकलने वाले गीला कचरा व नालियों की सफाई के दौरान निकलने वाले कचरे को नगर पालिका कंपोस्ट खाद बना रही है। इसके लिए बाकायदा बड़ा कंपोस्ट खाद बनाने के लिए तांदुला जलाशय के नीचे शेड बनाए गए हैं। नगर के गंगा सागर गार्डन में भी कंपोस्ट खाद बनाने शेड बनाए गए हैं।

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30 Sep 2018, 3:16 PM IST
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