जिले के इतिहासकार अरमान अश्क, प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. अशोक आकाश और विभिन्न स्थानीय संस्थाओं ने सरकार से इस स्थल को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने की मांग की है। विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि यदि यहां मुकम्मल सुरक्षा, एक आधुनिक सूचना केंद्र और पर्यटक सुविधाएं विकसित की जाएं, तो करकाभाट न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि देश के अंतरराष्ट्रीय पर्यटन का एक बड़ा केंद्र बन सकता है।