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रनचिरई में आवागमन मुश्किल, सड़क के गड्ढे में बैठकर युवक का विरोध

गुंडरदेही विकासखंड के गांव रनचिरई में ग्रामीण तीन साल से एक किलोमीटर लंबी सड़क पर 200 से अधिक बड़े गड्ढे हैं, जिससे आवागमन मुश्किल हो गया है।
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गुंडरदेही विकासखंड के गांव रनचिरई में ग्रामीण तीन साल से एक किलोमीटर लंबी सड़क पर 200 से अधिक बड़े गड्ढे हैं, जिससे आवागमन मुश्किल हो गया है।

गुंडरदेही विकासखंड के गांव रनचिरई में ग्रामीण तीन साल से एक किलोमीटर लंबी सड़क पर 200 से अधिक बड़े गड्ढे हैं, जिससे आवागमन मुश्किल हो गया है। इस समस्या को लेकर युवक अब सोशल मीडिया पर वीडियो और रील बनाकर विरोध जता रहे हैं। सोमवार को एक युवक सड़क के गड्ढे में बैठकर प्रदर्शन करता दिखा, जिसका वीडियो वायरल हुआ। स्कूली बच्चे, ग्रामीण और राहगीर परेशानी झेल रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा।

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ग्रामीणों ने बायपास निर्माण के लिए जमीन नहीं दी

अंडा से रनचिरई, जामगांव (आर) तक एडीबी विभाग को साल 2024 में लगभग 62 करोड़ की लागत से सड़क निर्माण व रनचिरई गांव से बाहर होते हुए बायपास सड़क निर्माण करना था। विभाग के मुताबिक ग्रामीणों ने बायपास निर्माण के लिए जमीन नहीं दी। इस वजह से बायपास का भी निर्माण नहीं हुआ।

गांव की मुख्य सड़क को करें चौड़ी

ग्राम पंचायत रनचिरई के उप सरपंच डेविड कुमार ने कहा कि ग्रामीणों का कहना है कि गांव की मुख्य सड़क को चौड़ीकरण करें, इसके दायरे में भले जिन-जिन लोगों का घर आ रहा हो, उसे तोड़ दें। बायपास निर्माण से गांव का व्यापार खत्म हो जाता। संबंधित विभाग ने ग्रामीणों की एक नहीं सुनी।

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नहीं बना तालमेल, अब विभाग हो गया बंद

ग्राम रनचिरई में सड़क नहीं बनने का मुख्य कारण एडीबी विभाग के अधिकारियो व ग्रामीणों के बीच सड़क निर्माण पर सहमति नहीं बनी, इसलिए इस गांव में एक किलोमीटर का सड़क नहीं बन पाई। अब ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं एडीबी विभाग हमेशा के लिए बंद हो गया है। ग्रामीणों की माने तो इस मार्ग से रोज एक हजार से ज्यादा राहगीर, स्कूली बच्चे आना जाना करते हैं, दिनभर में 6 से अधिक बसें भी चलती हैं।

लोक निर्माण विभाग मुरुम डलवा दें गड्ढों में

ग्रामीणों का कहना है कि अब सड़क लोक निर्माण विभाग के आधीन है। विभाग बारिश में कीचड़ से राहत दिलाने गड्ढों को मुरुम से भरवा दें। क्योंकि मार्ग में बसों के पहिए, दलदल व गड्ढों में फसना और स्कूली विद्यार्थियों व वाहन चालकों का गिरना आम बात है।

पंचायत का दावा: डेढ़ लाख रुपए खर्च हो चुका

रनचिरई की सरपंच रुखमणि बाई ने बताया कि इस सड़क की मरम्मत की मांग कुछ वर्षों से लगातार कर रहे हैं। सुशासन तिहार में भी आवेदन दिए हैं। निरीक्षण करने के लिए जिला पंचायत सीईओ भी आए थे, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इस सड़क की मरम्मत के लिए ग्राम पंचायत से ही हमने लगभग डेढ़ लाख खर्च कर डाले हैं। इस मार्ग की मरम्मत करना बहुत जरूरी है।

एडीबी विभाग अब बंद हो गया है

पूर्व एसडीओ एडीबी विभाग एसएस साहू ने कहा कि एडीबी विभाग अब बंद हो गया है। जिस समय विभाग संचालित था, तब अंडा से जामगांव आर तक 23 किमी सड़क का निर्माण किया गया। रनचिरई में बायपास निर्माण होना था, लेकिन इसका विरोध हुआ जिसके कारण नहीं बन पाई।