14 जुलाई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Balod News: सड़क के गड्ढे में बैठकर युवक का अनोखा विरोध, 3 साल से बदहाल सड़क पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

Balod News: बालोद के रनचिरई गांव में 1 किमी सड़क पर 200 से अधिक गड्ढों से ग्रामीण परेशान हैं। युवक ने गड्ढे में बैठकर विरोध जताया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
2 min read
Google source verification

बालोद

image

Love Sonkar

Jul 14, 2026

Balod Protest News

सड़क के गड्ढे में बैठकर युवक का अनोखा विरोध (Photo Patrika)

Balod Protest News: गुंडरदेही विकासखंड के गांव रनचिरई में ग्रामीण तीन साल से एक किलोमीटर लंबी सडक़ पर 200 से अधिक बड़े गड्ढे हैं, जिससे आवागमन मुश्किल हो गया है। इस समस्या को लेकर युवक अब सोशल मीडिया पर वीडियो और रील बनाकर विरोध जता रहे हैं। सोमवार को एक युवक सडक़ के गड्ढे में बैठकर प्रदर्शन करता दिखा, जिसका वीडियो वायरल हुआ। स्कूली बच्चे, ग्रामीण और राहगीर परेशानी झेल रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा।

ग्रामीणों ने बायपास निर्माण के लिए जमीन नहीं दी

अंडा से रनचिरई, जामगांव (आर) तक एडीबी विभाग को साल 2024 में लगभग 62 करोड़ की लागत से सडक़ निर्माण व रनचिरई गांव से बाहर होते हुए बायपास सडक़ निर्माण करना था। विभाग के मुताबिक ग्रामीणों ने बायपास निर्माण के लिए जमीन नहीं दी। इस वजह से बायपास का भी निर्माण नहीं हुआ।

गांव की मुख्य सडक़ की जाए चौड़ी

ग्राम पंचायत रनचिरई के उप सरपंच डेविड कुमार ने कहा कि ग्रामीणों का कहना है कि गांव की मुख्य सडक़ को चौड़ीकरण करें, इसके दायरे में भले जिन-जिन लोगों का घर आ रहा हो, उसे तोड़ दें। बायपास निर्माण से गांव का व्यापार खत्म हो जाता। संबंधित विभाग ने ग्रामीणों की एक नहीं सुनी।

नहीं बना तालमेल, अब विभाग हो गया बंद

ग्राम रनचिरई में सडक़ नहीं बनने का मुख्य कारण एडीबी विभाग के अधिकारियों व ग्रामीणों के बीच सडक़ निर्माण पर सहमति नहीं बनी, इसलिए इस गांव में एक किलोमीटर का सडक़ नहीं बन पाई। अब ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं एडीबी विभाग हमेशा के लिए बंद हो गया है। ग्रामीणों की माने तो इस मार्ग से रोज एक हजार से ज्यादा राहगीर, स्कूली बच्चे आना जाना करते हैं, दिनभर में 6 से अधिक बसें भी चलती हैं।

सरपंच ने बताया

रनचिरई की सरपंच रुखमणि बाई ने बताया कि इस सडक़ की मरम्मत की मांग कुछ वर्षों से लगातार कर रहे हैं। सुशासन तिहार में भी आवेदन दिए हैं। निरीक्षण करने के लिए जिला पंचायत सीईओ भी आए थे, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इस सडक़ की मरम्मत के लिए ग्राम पंचायत से ही हमने लगभग डेढ़ लाख खर्च कर डाले हैं। इस मार्ग की मरम्मत करना बहुत जरूरी है।

सोशल मीडिया बना विरोध का नया माध्यम

सड़क की बदहाल स्थिति से नाराज युवा अब वीडियो और रील बनाकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। सड़क के गड्ढे में बैठकर किया गया विरोध प्रदर्शन इसी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि वायरल हो रहे वीडियो के बाद प्रशासन जल्द इस समस्या का समाधान करेगा।