बालोद जिला का तांदुला डेम छलक गया है। मंगलवार को तांदुला डेम छलकने की सूचना मिलते ही दूर-दूर से पर्यटक इस सुंदर दृश्य को देखने के लिए जलाशय पहुंचे।
बालोद. लगातार हो रही बारिश के बीच चार साल बाद बालोद जिला का तांदुला डेम छलक गया है। मंगलवार को तांदुला डेम छलकने की सूचना मिलते ही दूर-दूर से पर्यटक इस सुंदर दृश्य को देखने के लिए जलाशय पहुंचे। केचमेंट एरिया में अच्छी बारिश के चलते दुर्ग संभाग का सबसे बड़े डेम के छलकने का नजारा चार साल बाद दिखाई दिया है।
4 फीट ऊपर छलक रहा पानी
तांदुला जलाशय में पानी डेम के दीवार के लगभग 4 फीट ऊपर से छलक रहा है। प्रदेश का तीसरा सबसे बड़ा जलाशय है। तांदुला डेम के छलकने के साथ ही तांदुला और शिवनाथ नदी में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। जिसके चलते इन दोनों ही नदियों के किनारे बसे गांवों में पहले से मुनादी करवा दी गई है। वहीं राहत और बचाव के लिए जिला प्रशासन की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।
सोमवार को जलाशय में भरा था 35.5 फीट पानी
सोमवार को अच्छी बारिश से जिले के सबसे बड़े जलाशय तांदुला को छलकने के लिए मात्र तीन फीट पानी की जरूरत थी। केचमेंट एरिया से आ रहे जल से लोगों की उम्मीद के अनुरूप आखिरकार तांदुला डेम छलक ही गया। सोमवार की स्थिति में जलाशय में साढ़े पैंतीस पानी पानी भर गया था।
बता दें कि तांदुला की जल भराव क्षमता 38.50 फीट है। क्षमता के अनुरूप जल भरने के बाद तांदुला मंगलवार से छलकने लगा है। वहीं गोंदली जलाशय में भी सत्ताइस फीट पानी भर गया है। खरखरा, मटियामोती जलाशय में भी तेजी से जलभराव हो रहा है। यहां से भी पानी छोडऩे के कयास लगाए जा रहे हैं।
चार साल बाद इतनी तेज बारिश, एक दिन में 175 मिमी दर्ज
भू अभिलेख शाखा से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को बालोद विकासखंड में सबसे ज्यादा 175 मिमी बारिस दर्ज की गई थी जो बीते चार साल में सबसे ज्यादा बारिश मानी जा रही है।
विभाग की मानें तो चार साल पहले 30 अगस्त को 188 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। सोमवार को बालोद में 175 मिमी, गुरुर में 156 मिमी, गुंडरदेही में 130 मिमी, डौंडी में 55 मिमी, डौंडीलोहरा में 63 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। इधर बारिश से सेमरिया नाला, चीचबोड़, बोड़की, बिरेतरा, बोरी नाला में भी पुल के उपर तीन फीट पानी चल रहा है।