दल्लीराजहरा में 80 करोड़ से जमही से चोरहापड़ाव तक 17.6 किमी बायपास के प्रस्ताव को मंत्रालय ने कुछ आपत्तियां लगाते हुए लोक निर्माण विभाग को लौटा दिया है। इस प्रस्ताव में कुछ सुधार करने कहा है।
दल्लीराजहरा में 80 करोड़ से जमही से चोरहापड़ाव तक 17.6 किमी बायपास के प्रस्ताव को मंत्रालय ने कुछ आपत्तियां लगाते हुए लोक निर्माण विभाग को लौटा दिया है। इस प्रस्ताव में कुछ सुधार करने कहा है। दल्लीराजहरा में यातायात का दबाव कम करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने इस बायपास का प्रस्ताव भेजा था। अभी इस बायपास के लिए राजहरावासियों को और इंतजार करना पड़ेगा। इस बायपास निर्माण की मांग कई वर्षों से चली आ रही है। बायपास का मुख्य उद्देश्य दल्लीराजहरा शहर के अंदर से गुजर रहे मालवाहक एवं माइंस की गाडिय़ों से हो रही दुर्घटनाओं और शहर में लग रहे जाम से मुक्ति दिलाने की मांग की है।
लोक निर्माण विभाग के मुताबिक यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है, लेकिन भेजे गए प्रस्ताव में कुछ सुधार की जरूरत है। मंत्रालय ने वन जमीन और कुछ तकनीकी कारणों के कारण इसे लौटाया है। विभाग पुन: नए सिरे से प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजेगा। वहीं राज्य सरकार आगामी माह बजट पेश करेगी, उसमें यह प्रस्ताव शामिल हुआ तो आगे की कार्यवाही की जाएगी।
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वर्तमान प्रोजेक्ट के अनुसार यह बायपास जमही से धोबनी, कुरुभाट, पुत्तरवाही, कोकन, चिखलाकसा, गुंडराटोला, साल्हे, जमरूवा होते हुए गोटुलमुंडा चोरहापड़ाव के पास निकलेगा। दल्लीराजहरा नगर में बायपास नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। बड़े मालवाहक वाहन भीड़ भाड़ से होकर गुजरते हैं, जिसके कारण कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। इसे देखते हुए राजहरा पुलिस ने नो एंट्री शुरू की है। मुख्य सड़क पर सुबह 9 से दोपहर 12 बजे और शाम 5 से रात 10 बजे तक बड़े वाहनों के लिए नो एंट्री है। जब नो एंट्री का समय समाप्त होता है, तब शहर से आयरन ओर से भरे वाहनों को छोड़ा जाता हैं तो मुख्य मार्ग पर लंबी कतार लग जाती हैं।
दल्लीराजहरा बयापास बनना तय है, लेकिन अभी थोड़ा समय लगेगा। लोक निर्माण विभाग के मुताबिक 17.6 किमी तक बनने वाले बायपास के लिए लगभग 150 किसानों के जमीन भी आएगी। विभाग ने इस बायपास के लिए 80 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार किया है, उसमें मुआवजा भी समाहित है।
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जानकारी व आंकड़े देखें तो कुसुमकसा से दल्लीराजहारा, चोरहापड़ाव तक भारी वाहनों के चलने से आए दिन दुर्घटना की संभावना रहती है। इस मार्ग में ही सालभर में लगभग 10 मौतें हो जाती हैं। नगर में भारी वाहन जैसे 14 चक्का, बड़ी ट्रेलर गाडिय़ों के तेज रफ्तार चलने से सड़क दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
लोक निर्माण विभाग बालोद के ईई पूर्णिमा चंद्रा ने कहा कि जमही से चोरहापड़ाव तक दल्लीराजहरा बायपास सड़क निर्माण की योजना है। शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा था। शासन से कुछ सुधार के लिए प्रस्ताव वापस भेजा है। पुन: नए सिरे से प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा।