बालोद

हमला था, राजनीति नहीं… तूएगोंदी मारपीट मामले को राजनीतिक बताने से भड़के ग्रामीण, 45 किमी पैदल चलकर पहुंचे कलेक्ट्रेट

CG News: साल 2022 में डौंडीलोहारा के ग्राम तूएगोंदी में ग्रामीणों पर हुए हमले के मामले को शासन ने राजनीतिक आंदोलन बताया है, जिससे तूएगोंदी के ग्रामीण नाराज हो गए।

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Feb 13, 2026
तूएगोंदी के ग्रामीण 45 किमी पैदल चलकर पहुंचे कलेक्ट्रेट (फोटो सोर्स- पत्रिका)

CG News: साल 2022 में डौंडीलोहारा के ग्राम तूएगोंदी में ग्रामीणों पर हुए हमले के मामले को शासन ने राजनीतिक आंदोलन बताया है, जिससे तूएगोंदी के ग्रामीण नाराज हो गए। इस आदेश के बारे में कलेक्टर से जवाब मांगने लगभग 50 ग्रामीण लगभग 45 किमी पैदल चलकर कलेक्टरेट पहुंचे।

ग्रामीणों के मुताबिक मामले को राजनीतिक बताना गलत है। यह ग्रामीणों पर हमला था। गांव के कई लोग घायल हुए थे। मामला न्यायालय में विचाराधीन है। हम केस वापस नहीं लेंगे। ग्रामीणों को कलेक्ट्रेट में घुसने नहीं दिया गया तो वे दोपहर 12 बजे से बाहर बैठे रहे। शाम 5 बजे अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक ने ग्रामीणों से कहा कि मंगलवार को कलेक्टर के साथ मामले में चर्चा होगी। इसके बाद मामला शांत हुआ।

ग्रामीण बोले- तूएगोंदी कांड जानबूझकर कराया गया था

प्रार्थी श्याम सिंह नेताम ने कहा कि 2022 में ग्रामीण देव पूजन कर रहे थे, तभी कुछ लोग लाठी, डंडा लेकर आए और उनसे मारपीट की। दर्जन भर से अधिक लोग घायल हुए थे। हमने थाने में मामला दर्ज कराया था। हाल ही में आदेश आया कि विशुद्ध रूप से राजनीति वाले आंदोलन की वापसी की जाए। इसमें तूएगोंदी मामले को राजनीति से जोड़ा गया है, जो गलत है।

तहसीलदार, एसडीएम और एएसपी ने मनाने का प्रयास किया

थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा, एसडीएम नूतन कंवर, तहसीलदार आशुतोष शर्मा सहित अन्य अधिकारियों ने ग्रामीणों क़ो मनाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने शाम को अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक ने मंगलवार को कलेक्टर से चर्चा की बात कही तो ग्रामीण अपने घर
लौट गए।

कलेक्ट्रेट के बाहर ही किया भोजन

ग्रामीणों ने बताया कि दो दिन पहले ही एक पत्र आया, जिसमें इस केस की वापसी का जिक्र किया गया है। सर्व आदिवासी समाज के सचिव महेश कुरेटी ने बताया कि इस मामले का न्यायालय ही फैसला करेगा। केस वापसी की कोई बात नहीं है। ग्रामीणों को विश्वास है कि न्याय मिलेगा। ग्रामीण भोजन की व्यवस्था के साथ पहुंचे थे। उन्होंने कलेक्ट्रेट के बाहर बैठकर भोजन किया। ग्रामीणों ने बताया कि सुबह 4 बजे अपने गांव से पैदल निकले थे और दोपहर 12 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचे।

Published on:
13 Feb 2026 08:36 am
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