CG Fire Incident: बलौदा बाजार के गिरौदपुरी धाम में ट्रांसफार्मर में शॉर्ट सर्किट से लगी आग में 10-12 दुकानें जलकर खाक हो गईं।
CG Fire Incident: बलौदा बाजार जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल गिरौदपुरी में बुधवार को अचानक लगी आग ने भारी तबाही मचा दी। मंदिर मार्ग पर स्थित झोपड़ीनुमा दुकानों में आग फैलने से करीब 10 से 12 दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। इस घटना में छोटे व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है और पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इलाके में लगे ट्रांसफार्मर में बंदरों की उछल-कूद के कारण शॉर्ट सर्किट हुआ। इसी से निकली चिंगारी ने पास की दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। चूंकि दुकानें कच्ची और ज्वलनशील सामग्री से बनी थीं, इसलिए आग ने बहुत तेजी से विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते एक के बाद एक दुकानें जलती चली गईं।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों ने खुद ही पानी और अन्य संसाधनों से आग बुझाने की कोशिश शुरू की। करीब एक घंटे बाद दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक अधिकांश दुकानें जलकर नष्ट हो चुकी थीं। हालांकि, स्थानीय लोगों की तत्परता के कारण आग को आगे फैलने से रोक लिया गया, वरना यह मंदिर परिसर तक पहुंच सकती थी।
गिरौदपुरी छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख आस्था केंद्र है, जहां संत परंपरा के पूजनीय संत Guru Ghasidas का मंदिर स्थित है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर मार्ग पर लगी ये छोटी दुकानें प्रसाद, पूजा सामग्री और दैनिक उपयोग की चीजें बेचने वाले स्थानीय लोगों की आजीविका का मुख्य साधन हैं। इस आगजनी में जिन दुकानदारों की दुकानें जली हैं, वे अधिकतर छोटे स्तर के व्यापारी हैं, जिनकी रोजी-रोटी इन्हीं दुकानों पर निर्भर थी।
दुकानें जलने से उनका सामान, नकदी और जरूरी दस्तावेज भी नष्ट हो गए।
कई परिवारों के सामने अब आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
तत्काल राहत और मुआवजे की मांग उठने लगी है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है और आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है। गिरौदपुरी जैसे भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों पर अस्थायी दुकानों की सुरक्षा को लेकर पहले भी चिंता जताई जाती रही है।
कच्चे ढांचे, बिजली के असुरक्षित कनेक्शन
अग्निशमन व्यवस्था का अभाव
संकरी गलियां और भीड़भाड़
ये सभी कारक आग जैसी घटनाओं के खतरे को बढ़ाते हैं।
घटना के बाद अब स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि झोपड़ीनुमा दुकानों की जगह पक्के और सुरक्षित दुकान परिसर बनाए जाएं।
साथ ही—
उचित बिजली व्यवस्था
अग्निशमन उपकरण
नियमित निगरानी
जैसे उपायों को भी जरूरी बताया जा रहा है।