
Chhattisgarh News: बलौदाबाजार जिले में कोरदा अंचल में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मानसून की झमाझम बारिश की शुरुआत हो गई है। 30 जून की शाम को हुई तेज बारिश ने जहां एक ओर किसानों को बड़ी राहत दी है, वहीं दूसरी ओर जलभराव के कारण ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस साल जून के शुरुआती दौर में मानसून की बेरुखी और कम बारिश के कारण अंचल में खरीफ फसल की बुवाई बुरी तरह प्रभावित हो रही थी। जिन किसानों ने धान की बुवाई कर दी थी, उन्हें बीज खराब होने की चिंता सता रही थी, वहीं बाकी किसान सही समय पर बुवाई नहीं कर पा रहे थे।
मंगलवार शाम करीब 5 बजे मुंडा सहित आसपास के गांवों में आधे घंटे से अधिक हुई तेज बारिश ने किसानों की इस चिंता को दूर कर दिया है। खेतों में पर्याप्त नमी आने के बाद किसान अब भारी उत्साह के साथ खेतों की तैयारी और धान बुवाई के काम में जुट गए हैं।
एक तरफ जहां यह बारिश खेतों के लिए अमृत बनकर बरसी, वहीं कोरदा के वार्ड क्रमांक 4 और 5 के निवासियों के लिए यह परेशानी का सबब बन गई। पानी निकासी की सही व्यवस्था न होने के कारण इन वार्डों की गलियों में भारी जलजमाव हो गया है। वार्डवासियों का कहना है कि वे लंबे समय से पंचायत पदाधिकारियों, जनपद पंचायत और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से यहां सीसी रोड निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन आज तक इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई। सडक़ नहीं बनने के कारण अब ग्रामीणों को इस पूरे सीजन कीचड़ और गंदे पानी के बीच से आवाजाही करनी पड़ेगी।
ग्रामीणों ने बताया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान भाजपा के एक दिग्गज नेता ने अपनी पुत्री के पक्ष में मतदान करने की अपील की थी। उस दौरान नेताजी ने वादा किया था कि चुनाव जीतने के बाद इस गली में सीसी रोड का निर्माण कराया जाएगा। लेकिन चुनाव जीतने के बाद भी यह घोषणा आज तक अधूरी है। नेताओं के इस उपेक्षित रवैये को लेकर वार्डवासियों में भारी आक्रोश है।
कोरदा अंचल में हुई झमाझम बारिश ने किसानों के लिए राहत लेकर आई है और धान की बुवाई को नई गति मिली है। वहीं, दूसरी ओर जल निकासी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी ने ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। पहली ही बारिश में गलियों का तालाब में तब्दील होना विकास कार्यों और चुनावी वादों की हकीकत को भी उजागर करता है।