
बालौदाबाजार. पूरे प्रदेश में इस वक्त शादी का माहौल चल रहा है। इसी बीच एक ऐसी चौंकाने वाली खबर सामने है। दरअसल राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में एक ऐसी ही शादी में बवाल मच गया। जब प्रशासन ने 7वां फेरा पूरा होने से पहले ही शादी को रूकवा दिया। परिजनों को समझाते हुए कहा कि ये शादी हर हाल में नहीं हो सकती। अगर आप जबरदस्ती करते हैं तो परिवार के सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। पढि़ए पूरी खबर..
डोंगरगढ़ के आदिवासी कंवर समाज द्वारा मडियान में सामूहिक विवाह का कार्यक्रम चल रहा था। इस बीच समारोह में पहुंचे महिला बाल विकास, आगंनबाडी कार्यकर्ता व सहायिक ने सात फेरा पूरा होने से पहले ही शादी रूकवा दी।
आपको बता दें कि वनांचल क्षेत्र ग्राम मडियान में होने वाले सामूहिक विवाह में मडियान की 1 नाबालिग लडकी तथा ग्राम जटकन्हार के नाबालिग लडके की शादी होनी थी। जहां महिला बाल विकास विभाग की आगंनबाडी कार्यकर्ता व सहायिक की तत्परता से दो नाबालिग जोडों की शादी रूकवाई गई। महिला बाल विकास के परियोजना अधिकारी ओपी चंद्रवंशी, जिला बाल विकास संरक्षण विनोद जंघेल,
सुपरवाईजर बीनू शुक्ला के साथ मडियान पहुंचे तथा नाबालिग लडकी की उम्र तीन माह कम पाई गई जिसका विवाह कोठीटोला निवासी लडके से होना था।
अधिकारियों ने दोनों पक्षों को बुलवाकर समझाईश दी। इसके बाद तीन माह बाद शादी करने के निर्देश दिए गए। गांव के पंचों व ग्राम प्रमुखों की उपस्थिति में दोनों पक्ष मान गए तथा तीन माह बाद शादी करने पर राजी हुुए। वहीं ग्राम जटकन्हार में नाबालिग लडके की उम्र भी तीन माह पाया गया। लडक़े की शादी ठाकुरटोला सेंदरी निवासी लडकी से होना था। यहां भी दोनों पक्षो को समझाईश देकर अधिकारियों ने बाल विवाह होने से रोक लिया गया।