
बलरामपुर। बलरामपुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत निवासी बुखार से तप रहे 3 वर्षीय मासूम को झोलाछाप डॉक्टर ने इंजेक्शन लगाया। इसके 10 मिनट बाद ही घर पहुंचने से पहले मासूम की मौत (Innocent child died) हो गई। यह आरोप मृत मासूम के पिता ने लगाया है। उसका कहना है कि बच्चे को बुखार था, इसपर वह बुधवार की शाम उसे सरनाडीह निवासी एक डॉक्टर के पास ले गया था। डॉक्टर ने उसे घर पर ही इंजेक्शन लगाया था, लेकिन घर पहुंचने से पहले बच्चे ने दम तोड़ दिया। मामले की शिकायत कोतवाली में दर्ज कराई गई है। पुलिस ने गुरुवार को पीएम पश्चात शव परिजन को सौंप दिया। पुलिस मामले की विवेचना में जुट गई है।
बलरामपुर जिले के कोतवाली थाना अंतर्गत ग्राम जमुआटांड़ निवासी रमेश चेरवा के 3 वर्षीय पुत्र अभीस चेरवा को बुखार था। बुधवार की शाम करीब 6 बजे वह बच्चे को लेकर ग्राम सरनाडीह निवासी झोलाछाप डॉक्टर भुलेश्वर सिंह के घर पहुंचा। यहां डॉक्टर ने बच्चे को इंजेक्शन लगाया। जब उसे घर लाया जा रहा था, इसी बीच रास्ते में ही उसकी मौत (Child died due to jholachhap doctor injection) हो गई।
इस संबंध में मासूम के पिता ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि बच्चे को बुखार था। भुलेश्वर सिंह घर पर ही दवा, सुई देकर इलाज करता है, इस वजह से उसके पास लेकर गया था। यहां उसने बच्चे को इंजेक्शन लगाया। जब वह बच्चे को लेकर घर जा रहा था तो 5-10 मिनट में ही उसकी तबियत और ज्यादा बिगड़ गई और घर पहुंचने से पहले बच्चे की मौत हो गई।
झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से बच्चे की मौत की सूचना कोतवाली पुलिस (Balrampur Kotwali) को दी गई। पुलिस ने गुरुवार की दोपहर पीएम पश्चात बच्चे का शव परिजन को सौंप दिया। कोतवाली प्रभारी का कहना है कि शिकायत आई है कि बिना पंजीकृत डॉक्टर द्वारा बच्चे को इंजेक्शन लगाया गया है। इसमें बच्चे की मौत हो गई है, हम इसकी जांच कर रहे हैं।
बता दें कि बलरामपुर समेत सरगुजा संभाग में झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार है। ये विशेषज्ञ न होते हुए भी इलाज करते हैं। कई बार ऐसा इंजेक्शन या दवा इनके द्वारा दिया जाता है, जिससे मरीज की मौत (Patient died) हो जाती है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी ऐसे लोगों की पहचान कर कार्रवाई नहीं की जाती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में इनकी संख्या और ज्यादा है। जागरुकता के अभाव में छोटी-मोटी तकलीफ होने पर ग्रामीण इन्हीं से इलाज कराते हैं। ऐसे में कई बार इनकी जान पर बन आती है। बताया जा रहा है कि बलरामपुर जिले में पिछले 3 माह में झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से यह चौथी मौत का मामला है।