
वाड्रफनगर. एक सप्ताह पूर्व स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में मरीज के परिजन द्वारा की गई मारपीट की घटना में नामजद आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने से नाराज चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मचारियों ने शनिवार को पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था ही ठप कर दी। अस्पताल में भर्ती मरीजों व गर्भवती महिलाओं को छुट्टी देकर भगा दिया गया।
डिलीवरी कक्ष में ताला लटका रहा। समस्त चिकित्सक व कर्मचारियों ने एक दिन का सामूहिक अवकाश लेकर अपना विरोध जताया, इससे मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
गौरतलब है कि एक सप्ताह पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में ग्राम पंचायत परसडीहा के पूर्व उप सरपंच नरसिंह पटेल, राम बाबू व पांच अन्य लोगों ने हादसे में गंभीर हुई बसंती पटेल के उपचार में लापरवाही का आरोप लगाकर चिकित्सक राजेश कुमार साव व अन्य स्टाफ के साथ मारपीट की थी।
इस मामले में चिकित्सक की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 186, 294, 323, 332, 353, 506 व 34 के तहत अपराध दर्ज किया था, लेकिन किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई। इससे नाराज वाड्रफनगर स्वास्थ्य केंद्र के साथ ही चलगली, बड़कागांव, सुलसुली, रघुनाथनगर, बलंगी, पंडरी व बरतीकला उप स्वास्थ्य केंद्र के समस्त डॉक्टर, नर्स व कार्यालयीन कर्मचारी शनिवार को एक दिन के सामूहिक अवकाश पर चले गए।
स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती समस्त मरीजों को छुट्टी देकर भगा दिया गया। डिलीवरी कक्ष में ताला मार दिया गया। यही नहीं महिला वार्ड में भर्ती महिलाओं को बच्चों के साथ छुट्टी दे दी गई। चिकित्सकों ने बताया कि अगर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
अस्पताल में छाई रही वीरानी
डॉक्टरों व कर्मचारियों की हड़ताल से पूरे अस्पताल परिसर में वीरानी छाई रही। न तो एक कर्मचारी मौजदू था और न ही मरीज। दो पुलिसकर्मी मुख्य द्वार पर सुरक्षा के लिहाज से तैनात थे। इससे मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। गंभीर मरीजों ने निजी चिकित्सकों से उपचार कराया।