
वाड्रफनगर. ग्राम करमडीहा में शनिवार की सुबह बस से उतरने के दौरान एक मितानिन अनियंत्रित होकर गिर गई। उसके सिर व शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट आई। उसे संजीवनी 108 से वाड्रफनगर स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। यहां मितानिन के ससुर भाजपा नेता व अन्य परिजन ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर चिकित्सक, स्टाफ नर्स व ड्रेसर के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। इस बीच मितानिन की हालत बिगडऩे लगी।
अस्पताल में जमकर हंगामा करने के बाद परिजन मितानिन को एंबुलेंस से अंबिकापुर ले जाने निकले, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इधर अस्पताल में हुई मारपीट से स्वास्थ्य कर्मचारी आक्रोशित हो गए और सभी चिकित्सक व कर्मचारियों ने चौकी में पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। चिकित्सकों ने दोषियों पर अपराध दर्ज करने की मांग की है, ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम पंचायत परसडीहा की मितानिन 38 वर्षीय बसंती पटेल पति रामप्रकाश पटेल शनिवार की सुबह विजय बस से ग्राम करमडीहा में बैठक में शामिल होने निकली थी। लगभग 8.30 बजे ग्राम करमडीहा में बस से उतरने के दौरान वह अनियंत्रित होकर गिर गई। इससे उसके सिर व शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट आई। उसे संजीवनी 108 से वाड्रफनगर स्वास्थ्य केंद्र लाया गया।
मितानिन की हालत काफी नाजुक बनी हुई थी, चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार किए जाने के बाद मितानिन को अंबिकापुर रेफर किए जाने की बात कही। इसी दौरान मितानिन के ससुर पूर्व उपसरपंच व भाजपा नेता नरसिंह पटेल सहित अन्य परिजन ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर चिकित्सक डॉ. राजेश कुमार साव, स्टाफ नर्स अमिता मिंज व ड्रेसर शिवनाथ कश्यप के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। इधर मितानिन की हालत बिगड़ती ही जा रही थी। काफी हंगामा करने के बाद परिजन परिजन एंबुलेंस से मितानिन को अंबिकापुर लेकर निकले लेकिन जरही पहुंचते ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव लेकर गृहग्राम लौट आए। इधर अस्पताल में मारपीट की घटना से सभी चिकित्सक व कर्मचारी आक्रोशित हो गए।
सभी एकजुट होकर वाड्रफनगर चौकी पहुंचे और दोषियों के खिलाफ अपराध दर्ज करने की मांग को लेकर आवेदन दिया। हालांकि सीएम के कार्यक्रम की ड्यूटी की वजह से थाना प्रभारी सहित अधिकांश पुलिसकर्मी थाने में नहीं थे, इसलिए मुंशी ने आवेदन लिया। चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि अगर दोषियों पर अपराध दर्ज नहीं हुआ तो आंदोलन करेंगे।
वहीं इस संबंध में नरसिंह पटेल का कहना है कि मारपीट नहीं की गई है, इलाज में लापरवाही को लेकर चिकित्सकों से अनुरोध किया गया था कि बसंती को तत्काल रेफर कर वाहन उपलब्ध कराएं।
गांव में भी आक्रोश
मितानिन बसंती पटेल का शव जैसे ही गृहग्राम परसडीहा पहुंचा, वहां मातम पसर गया। वहीं वाड्रफनगर अस्पताल में इलाज में हुई लापरवाही को लेकर गांव में लोगों के बीच आक्रोश है।
बदहाल है 100 बिस्तरीय अस्पताल
वाड्रफनगर अस्पताल 100 बिस्तरीय है लेकिन यहां 10 बेड के मरीजों का भी उपचार सही ढंग से नहीं हो पाता है। यहां पदस्थ चिकित्सक अधिकांश बीमारियों में रोगी को तत्काल रेफर कर देते हैं। अस्पताल में आवश्यक दवाएं, एक्स-रे, पैथोलैब सहित अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं मरीजों को नहीं मिलती हैं। अस्पताल का वाटर कूलर खराब है। वार्डों में गंदगी पसरी हुई है।