
रामानुजगंज. बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में ब्लैक फंगस (Black Fungus) से पहली मौत की पुष्टि हुई है। मृतक कोरोना संक्रमित भी था, उसका इलाज रायपुर के एम्स अस्पताल में चल रहा था।
इसी बीच शनिवार की दोपहर उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। डॉक्टरों का कहना है कि ग्रामीण की मौत ब्लैक फंगस से हुई है। अब परिजनों द्वारा एम्स (AIIMS) से ग्रामीण का शव लाने की तैयारी चल रही है।
कोरोना संक्रमण की रफ्तार अभी कम होना शुरु ही हुआ है कि ब्लैक फंगस ने भी राज्य सहित जिलों में दस्तक दे दी है। इसी कड़ी में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम पीपरपान, सनावल निवासी कुमारू यादव 60 वर्ष कोरोना से संक्रमित था।
स्थानीय अस्पताल में तबीयत में सुधार नहीं होने पर परिजनों द्वारा उसे रायपुर के एम्स अस्पताल में 20 मई को भर्ती कराया गया था। यहां वह ब्लैक फंगस से भी संक्रमित हो गया। इसी बीच इलाज के दौरान 29 मई की दोपहर उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने उसकी ब्लैक फंगस से मौत की पुष्टि की है।
शव लाने की चल रही तैयारी
ब्लैक फंगस से मृत ग्रामीण के पुत्र कमलेश यादव ने अपने पिता का शव एम्स रायपुर से प्राप्त करने रामानुजगंज तहसीलदार को आवेदन सौंपा है। परिजनों की ओर से शव गृहग्राम लाने की तैयारी चल रही है।
कमजोर इम्यूनिटी वाले हो रहे शिकार
डॉक्टरों के अनुसार जिन व्यक्तियों की इम्यूनिटी काफी कमजोर होती है, उन्हें ब्लैक फंगस (Black Fungus) का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। कोरोना पॉजिटिवों को दवा के रूप में स्टेरॉयड दिया जाता है, यह इम्यूनिटी को कम करता है, इसी दौरान यदि पूरी सावधानी नहीं बरती गई तो मरीज ब्लैक फंगस की चपेट में आ जाता है।