Bus accident update: छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा पर स्थित ओरसा घाट में हुए दर्दनाक स्कूल बस हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है।
Bus accident update: छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा पर स्थित ओरसा घाट में हुए दर्दनाक स्कूल बस हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। बलरामपुर निवासी परसू राम सोनवानी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उन्हें पहले महुआडांड से अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था, लेकिन हालत गंभीर होने पर नजदीकी मिशन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
इस हादसे में करीब 80 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें से 19 की हालत नाजुक बताई जा रही है। मृतकों में 5 महिलाएं और 5 पुरुष शामिल हैं। गंभीर रूप से घायलों को बेहतर इलाज के लिए गुमला और रांची के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। यह हादसा रविवार दोपहर झारखंड के लातेहार जिले के महुआडांड थाना क्षेत्र में हुआ। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
रेशंती देवी (35), पीपरसोत
प्रेमा देवी (37), पीपरसोत
सीता देवी (45), पीपरसोत
सुखना भुइयां (40), पीपरसोत
सोनामति देवी (45), पीपरसोत
विजय सिंह (32), महाराजगंज बलरामपुर
विकास कुमार, महाराजगंज बलरामपुर
परसू राम सोनवानी (55), बलरामपुर
रमेश मनिका
फगुआ राम
अधिकारियों के अनुसार, बस में उसकी क्षमता से कहीं अधिक यात्री सवार थे। बस में मौजूद अधिकांश लोग लोध गांव में आयोजित विवाह पूर्व समारोह में शामिल होने जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बस ढलान पर एक तीखे मोड़ पर चालक के नियंत्रण से बाहर हो गई।
अनियंत्रित बस पहले सड़क किनारे लगी रेलिंग से टकराई, फिर एक पेड़ से जा भिड़ी और अंततः करीब 20 फीट गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में बस के कई हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे कई यात्री अंदर ही फंस गए। घटना को लेकर बस चालक विकास पाठक ने पुलिस को बताया कि उसने बस को रोकने के लिए हैंडब्रेक लगाने और इंजन बंद करने की कोशिश की, लेकिन (Bus accident update) तेज ढलान के कारण वाहन पर नियंत्रण नहीं पाया जा सका।
झारखंड के ओरसा घाट में भीषण सड़क दुर्घटना में बलरामपुर जिले के लोगों की हुई मौतों पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व क्षेत्रीय विधायक कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल यात्रियों के आवश्यक उपचार के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों को श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
हादसे में मारे गए ग्रामीणों के शवों को आज (सोमवार) बलरामपुर लाया जाएगा। बलरामपुर जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंहदेव, कुसमी एसडीएम, तहसीलदार सहित प्रशासनिक अधिकारी और सामरी थाना प्रभारी रविवार को ही महुआडांड़ पहुंच गए थे। शवों को बलरामपुर लाने की व्यवस्था की जा रही है।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों, पुलिस और प्रशासन की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। मलबे में फंसे यात्रियों को बाहर निकालकर घायलों को महुआडांड सामुदायिक अस्पताल और पास के कार्मेल अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रशासन की ओर से हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।