झारखंड के सोनम खातून हत्याकांड मामले में पुलिस ने जिस कथित शूटर को गिरफ्तार किया था, उसकी संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गई।
बलरामपुर. झारखंड के सोनम खातून हत्याकांड मामले में पुलिस ने जिस कथित शूटर को गिरफ्तार किया था, उसकी संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गई। हालांकि पुलिस यह दावा कर रही है कि बुधवार की सुबह आरोपी हिरासत से भागने का प्रयास कर रहा था। इस दौरान वह पिकअप के चपेट में आ गया, इससे उसकी मौत हो गई। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कथित शूटर की मौत हिरासत में पुलिस के पूछताछ के दौरान हो गई थी, जिसे पुलिस अलग ही रंग देने में जुटी है। हालांकि इसकी अब तक किसी ने भी अधिकारिक पुष्टी नहीं की है।
ये है पूरा मामला
दरअसल, झारखंड के अमवां गांव की सोनम खतून का शव छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के पस्ता थानांतर्गत ग्राम कंडा के नगेशिया पारा में 14 जुलाई को मिला था। सिर में गोली मारकर लड़की की हत्या की गई थी। पुलिस द्वारा मृतका के फोटो को सोशल साइट पर वायरल किया था, ताकि उसकी पहचान हो सके। कुछ दिनों बाद युवती की शिनाख्त झारखंड के अमवां गांव के पारा शिक्षक अकबर हुसैन की पुत्री के रूप में हुई थी। जिसके अपहरण का नामजद मुकदमा उसके पिता ने छत्तरपुर थाना में दर्ज कराया था।
एफआईआर में यह लिखवाया गया था कि अमवां के पारा शिक्षक भोला साव ने अपने भांजे धर्मेंन्द्र कुमार के साथ मिलकर कट्टे के नोक पर उसका घर से अपहरण कर लिया है। अकबर हुसैन व भोला साव एक ही स्कूल में शिक्षक के रूप में पदस्थ थे। कुछ दिनों बाद भोला साव का शव लातेहार के बारेसांढ जंगल में मिला था। बेरहमी से उसे पीटकर, धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी गई थी। अब तक जो तथ्य सामने आया है, उसके अनुसार सोनम के पिता ने ही सोनम और उसके प्रेमी भोला साव की हत्या के लिए अजमेर उर्फ़ अजमूल्ला को पैसे दिए थे और भोला साव का गला रेत कर अजमूल्ला ने जबकि सोनम की हत्या अजमूल्ला के साथी इक़बाल ने गोली मार कर की। जिस समय सोनम को इक़बाल ने गोली मारी अजमूल्ला उसके साथ मौजूद था।
अपहरण की कहानी निकली थी झूठी
पुलिस विवेचना के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि भोला साव ने सोनम खातून का अपहरण नही किया था। बल्कि प्रेम प्रसंग में दोनो घर से भागे थे। इसके बाद किशोरी के परिजनों ने चार लाख रुपए की सुपारी देकर पूरी योजना बनाकर युगल प्रेमी की हत्या करा दी।
पुलिस ने कहा ऐसे हुई मौत
बलरामपुर पुलिस ने झारखंड के पलामू जिले के क्राइम ब्रांच व छत्तरपुर पुलिस की मदद से झारखंड के ग्राम अमवां से एक, मड़वा से एक व अलीपुर से एक आरोपी को हिरासत मे लिया था। हत्या में शामिल कथित शूटर इकबाल बुधवार की सुबह हिरासत से भागने के लिए पुलिस वाहन से कूद गया।इसी दौरान वह विपरीत दिशा से आ रही गाड़ी के चपेट में आ गया, जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।सुबह पुलिस जबकि इकबाल को लेकर सोनम हत्याकांड की जगह पर जा रही थी तब पुलिस गाड़ी से आरोपी इकबाल कूद गया और कूदते ही विपरीत दिशा से आ रही गाड़ी की चपेट में आ गया जहाँ उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
संदेहास्पद है मौत की कहानी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कथित शूटर इकबाल की मौत बलरामपुर पुलिस जब आनंद भवन में पूछताछ कर रही थी, उसी दौरान हो गई थी। पुलिस इसे अलग ही रंग देने में जुटी हुई है। इसकी अधिकारिक पुष्टी अब तक नहीं की गई है।
बलरामपुर पुलिस ने दी बीमारी की सूचना
आरोपी कथित शूटर की मौत के बाद बलरामपुर पुलिस इस पूरे मामले को दबाने में जुटी हुई है। पुलिस इस पूरे मामले को एक दुर्घटना बताने में जुटी हुई है। जबकि बलरामपुर पुलिस ने बुधवार की दोपहर में पलामू पुलिस को सूचना दी कि इकबाल की तबीयत काफी खराब है। उसके परिजन को सूचना दे दें।
अंडरवर्ल्ड डान दाउद से जुड़े हैं तार
खबरों के अनुसार हत्याकांड में शामिल एक आरोपी के तार दाऊद इब्राहिम गिरोह से जुड़े हुए हैं। बलरामपुर पुलिस ने अंडरवर्ल्ड शूटर सहित चार आरोपी को गिरफ्तार किया था। दाऊद गिरोह का कथित शूटर शाबिर पलामू के छत्तरपुर में रह रहा था। हालांकि दाऊद इब्राहिम गिरोह से कनेक्शन को लेकर अभी तक किसी ने भी अधिकारिक पुष्टी नहीं की है।
मामले से जुड़े सुलगते सवाल
हत्याकांड के आरोपी की पुलिस कस्टडी में मौत के करीब सात घंटे बीत जाने के बाद भी दोषी पुलिसकर्मियों पर अब तक कार्रवाई नहीं की गई। अमूमन देखा जाता है कि पुलिस कस्टडी के दौरान आरोपी की मौत या भागने पर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होती है, लेकिन घटना के करीब सात घंटे बीत जाने के बाद भी दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई नहीं करना कई सवाल खड़े करता है।
इस मामले पर बलरामपुर एसपी टीआर कोशिमा ने कहा कि मौका ए वारदात पर ले जाते वक्त आरोपी ने पुलिस गिरफ्त से भागने की कोशिश की। इस दौरान आरोपी दूसरी ओर से आ रही पिकअप की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई।