Farmer's Couple Burnt Alive: घर से कूछ ही दूरी पर खलिहान (Barn) में धान की रखवाली करने गए थे पति-पत्नी, अलाव तापने के बाद दोनों सो गए थे, खलिहान में आग (Fire in barn) देखकर पड़ोसी ने मचाया शोर तो दौड़कर आया बेटा, पति-पत्नी की मौत की घटना से गांव में पसरा मातम
अंबिकापुर/कुसमी. Farmer's Couple Burnt Alive: खलिहान में धान की रखवाली करने गए किसान दंपती आधी रात आग लगने से जिंदा जल गए। पड़ोसी ने खलिहान में आग की लपटें उठती देखी तो उसने शोर मचाया। शोर सुनकर किसान का बेटा दौड़कर पहुंचा। उसने देखा कि उसकी मां जलकर खाक हो चुकी थी जबकि पिता भी गंभीर रूप से जल गया था। उसे तत्काल स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां से मेडिकल कॉलेज अस्पताल (Medical College hospital) फिर रायपुर रेफर कर दिया गया। रायपुर ले जाते रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। आग से जलकर पति-पत्नी की मौत से परिजनों समेत पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। दरअसल दंपती ने धान की आधी मिसाई कर ली थी जबकि आधा धान खलिहान में ही पड़ा हुआ था, जिसकी रखवाली करने दोनों रात में सोए थे।
बलरामपुर जिले के सामरी थाना अंतर्गत ग्राम जमीरापाट निवासी मरियानुस बड़ा पिता लेरंगुस बड़ा (57) खेती-किसानी करता था। धान की कटाई करने के बाद उसने घर से कुछ दूरी पर बनाए गए खलिहान में धान रखा था। आधे धान की वह मिसाई कर चुका था। रविवार की रात कड़ाके की ठंड के बीच खलिहान में रखे धान की रखवाली करने अपनी पत्नी विजय बड़ा 55 वर्ष के साथ गया था।
रात में दोनों ने पुआल जलाकर तापा और मचान के नीचे ही बिस्तर लगाकर सो गए। इसी बीच अचानक खलिहान में आग लग गई। पड़ोस में ही रहने वाले छत्तर नाम के ग्रामीण ने खलिहान में आग की लपटें उठती देखी तो शोर मचाने लगा। आवाज सुनकर मरियानुस व विजय बड़ा का बेटा अरविंद 24 वर्ष वहां पहुंचा। ग्रामीणों ने देखा कि विजय बड़ा की जलकर मौत हो चुकी थी, जबकि मरियानुस गंभीर रूप से जल गया था।
रायपुर ले जाते तोड़ा दम
बेटे व पड़ोसियों ने गंभीर रूप से झुलसे मरियानुस को कुसमी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां से डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए रायपुर रेफर कर दिया। यहां से रायपुर ले जाते रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
पत्नी को बचाने गया लेकिन गिर गया मचान पर रखा पुआल
आशंका जताई जा रही है कि रात में अलाव तापने के बाद बिना बुझाए ही दंपती सो गए होंगे। इसी बीच हवा से चिंगारी खलिहान में रखे पुआल में पहुंच गई होगी और आग लग गई होगी। बताया जा रहा है कि मरियानुस झुलसे अवस्था में पत्नी को बचाने गया था लेकिन मचान पर रखा पुआल का ढेर पत्नी के ऊपर गिर गया और वह दब गई। ऐसे में उसे बचाया नहीं जा सका और जलकर उसकी मौत (Death to burnt) हो गई।