Kanhar river: जल संसाधन विभाग की लापरवाही फिर आई सामने, मामूली खर्च कर गेट में किया जा सकता था सुधार लेकिन विभागीय अधिकारियों नहीं दिया ध्यान, जिला पंचायत सभापति ने कहा यदि गेट की मरम्मत नहीं की जाती है तो करेंगे आंदोलन
रामानुजगंज. Kanhar river: जल संसाधन विभाग की लापरवाही एक बार फिर रामानुजगंज वासियों के लिए भारी पड़ेगी। मामूली खर्च में कन्हर नदी पर बने एनीकट का गेट सुधारा जा सकता था। लेकिन करोड़ों रुपए भ्रष्टाचार करने का आरोप झेल रहे जल संसाधन विभाग का अकर्मण्य रवैये के कारण कन्हर एनीकट का गेट नहीं सुधर सका। इस कारण फिर से एक बार पानी कन्हर नदी से निकल गया एवं कन्हर नदी पूर्णत: सूख गई। जल संसाधन विभाग के लापरवाह रवैये को लेकर नगरवासियों में गहरी नाराजगी है जो कभी भी फूट सकती है। कन्हर नदी के सूखने के कारण जल संकट फिर से नगर में गहराएगा।
गौरतलब है कि करीब 1 माह पूर्व कन्हर नदी के सूख जाने से नगर में गंभीर जल संकट उत्पन्न होने लगा था जहां नगर पंचाय द्वारा डबरी निर्माण कराया गया था परंतु डबरी भी दो-चार दिन में सूख गया था। इसके बाद पोकलेन से बड़ी डबरी का निर्माण कराया गया था परंतु वह भी दम तोडऩा शुरु कर दिया था परंतु इस बीच हुई बरसात के कारण नदी में पानी आ गया था एवं नदी का दोनों किनारा लबालब भर गया था।
यदि एनीकट का गेट ठीक होता तो कन्हर नदी में पानी भरने के बाद वहीं टिका रहता परंतु जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के लापरवाही के कारण एनीकट का गेट नहीं सुधारा गया। इस कारण कन्हर नदी से पूरा पानी एक बार फिर से निकल गया व नदी सूख गया। नगर में एक बार फिर से जल संकट नदी सूखने कारण उत्पन्न होगा क्योंकि नगर में नियमित जल प्रदाय व्यवस्था कनहर नदी पर ही आश्रित है।
नदी से पानी लिफ्ट होकर पानी टंकी तक जाता है जहां से पूरे नगर में सप्लाई होता है। करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार के आरोप झेल रहे जल संसाधन विभाग के अधिकारी कितने लापरवाह हैं, इसे इस बात से समझा जा सकता है कि पूर्व कलेक्टर अवनीश शरण, श्याम धावड़े सहित जिले के अन्य तत्कालीन कलेक्टरों ने जल संसाधन विभाग के तत्कालीन अधिकारियों को एनीकट मरम्मत नही किये जाने को लेकर जमकर फटकार लगाई थी। इसके बाद भी अधिकारियों को कोई फर्क नहीं पड़ा।
एनीकट का स्टोरेज बढ़ाने पर देना होगा ध्यान
नगरवासियों का कहना है कि सिर्फ एनीकट का गेट ही बनवाने तक प्रशासन को ध्यान दिए जाने की जरुरत नहीं है बल्कि एनीकट का स्टोरेज बढ़ाने के लिए इसमें भर गए रेत को भी निकलवाने के लिए प्रशासन को गंभीरता से ठोस कदम उठाने होंगे। ताकि एनीकट नगर की 25000 की आबादी के उपयोग में आ सके।
मरम्मत कार्य नहीं होने पर करेंगे आंदोलन
जिला पंचायत के सभापति राजेश यादव ने कहा कि जल संसाधन विभाग के अधिकारी भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबे हैं। उन्हें जनता से सरोकार से कोई मतलब नहीं रह गया है। रामानुजगंज जल संसाधन विभाग के अधिकारी यहां से नदारद रहते हैं, ऐसे में वे जनता से जुड़े कार्य कैसे करेंगे, यह समझा जा सकता है।
कन्हर नदी के एनीकट की मरम्मत नहीं किया जाना दुर्भाग्यजनक है। जिला प्रशासन को इस ओर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए तत्काल पहल करने की आवश्यकता है। यादव ने कहा कि यदि जल संसाधन विभाग द्वारा एनीकट की मरम्मत नहीं की जाती है तो आंदोलन के लिए भी हम सब बाध्य होंगे।