बलरामपुर

एक साल पहले गायब नाबालिग बेटी लौटी थी घर, शरीर में ये बदलाव देख मां-बाप रह गए सन्न

महिला चिकित्सक की संवेदनहीनता तो विधायक की दखल से २० घंटे बाद हो सका पीडि़ता का एमएलसी

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Minor girl

रामानुजगंज. डिंडो चौकी अंतर्गत ग्राम विमलापुर से एक वर्ष से गायब एक किशोरी ५ माह के गर्भ के साथ वापस लौटी। बेटी को इस हाल में देख उसके माता-पिता सन्न रह गए। इस मामले में जब पुलिस किशोरी का एमएलसी कराने गुरुवार की दोपहर रामानुजगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची तो महिला चिकित्सक ने टालमटोल करना शुरू कर दिया। इसी में 20 घंटे का समय बीत गया।

इस पर पीडि़ता अपने परिजन के साथ विधायक बृहस्पत सिंह के पास पहुंची, तब विधायक ने तत्काल सीएमएचओ से बात कर उन्हें मामले से अवगत कराया। फिर सीएमएचओ के निर्देश के बाद महिला चिकित्सक द्वारा किशोरी का एमएलसी किया गया।

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दरअसल किशोरी के लापता होने के बाद परिजन की शिकायत पर पुलिस ने धारा 363 के तहत अपराध दर्ज किया था, किशोरी के गर्भवती होकर लौटने पर मामले की जांच के लिए पुलिस को उसका एमएलसी कराना था।


बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के डिंडो चौकी अंतर्गत ग्राम विमलापुर की एक किशोरी १ वर्ष से गायब थी। वह इस दौरान दिल्ली में थी। जब वह लौटी तो उसे 5 माह का गर्भ था। इस हालत में माता-पिता ने उसे देखा तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को दी।

डिंडो पुलिस ने पूर्व में ही इस मामले में परिजन की शिकायत पर धारा 363 के तहत अपराध दर्ज किया था। किशोरी के गर्भवती होकर लौटने पर डिंडो पुलिस आगे की जांच कराने गुरूवार की सुबह दोपहर लगभग 2 बजे उसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य पहुंची।

लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद महिला चिकित्सक ने टालमटोल करना शुरू कर दिया। शाम ७ बजे तक पीडि़ता अपने परिजन के साथ अस्पताल में बैठी रही लेकिन महिला चिकित्सक ने एमएलसी नहीं किया। इस पर पीडि़ता व परिजन लौट गए।

शुक्रवार की सुबह लगभग 10 बजे फिर पीडि़ता व परिजन अस्पताल पहुंचे, लेकिन महिला चिकित्सक ने उन्हें मीटिंग में जाने की बात कही। इस पर परिजन ने गुहार लगाते हुए कहा कि बेटी की तबियत ठीक नहीं है और हम कल से परेशान हैं, लेकिन महिला चिकित्सक ने संवेदनहीनता दिखाते हुए उनकी एक न सुनी और वहां से चली गई।


विधायक की पहल पर हुआ एमएलसी
डॉक्टर के टालमटोल के बाद पीडि़ता व परिजन विधायक बृहस्पत सिंह के पास पहुंचे और पूरे मामले से अवगत कराया। मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायक ने तत्काल सीएमएचओ से फोन पर चर्चा महिला चिकित्सक के संवेदनहीन व्यवहार को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए पीडि़ता का एमएलसी कराने को कहा।

फिर सीएमएचओ के निर्देश के बाद महिला चिकित्सक द्वारा पीडि़ता का एमएलसी किया गया। अब पुलिस इस मामले में आगे की जांच में जुट गई है।

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Published on:
28 Apr 2018 04:02 pm
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