
वाड्रफनगर. बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर स्थित एक सब्जी व्यवसायी के घर गुरुवार की रात दरवाजा खुलवाकर 4 नकाबपोश लुटेरे घुस आए। उन्होंने व्यवसायी के बच्चों के सिर पर पिस्टल व चाकू अड़ा दिया तथा 50 हजार के जेवर व 35 हजार रुपए नकद लूट कर फरार हो गए। लुटेरे कह रहे थे कि वे झारखंड से आए है तथा उन्हें 30 हजार रुपए की सुपारी दी गई है।
वे बार-बार जमीन के कागजात मांग रहे थे। लुटेरों के जाने के के बाद व्यवसायी ने वाड्रफनगर चौकी में कई बार फोन लगाया लेकिन किसी ने रिसीव नहीं किया। सुबह चौकी पहुंचकर व्यवसायी के शिकायत करने के एक घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के वाड्रफनगर के वार्ड क्रमांक-15 निवासी मिथिलेश कुशवाहा ३२ वर्ष सब्जी का व्यवसाय करता है। गुरुवार को वह अपनी पत्नी फूलकुंवर के साथ सब्जी बिक्री करने गया था। घर पर उसके पिता महावीर कुशवाहा 60 वर्ष, मां फूलमति, पुत्र अंशु 6 वर्ष व बेटी आकृति 1 वर्ष थे।
रात करीब 9.30 बजे दरवाजा खटखटाने की आवाज सुनकर व्यवसायी की मां ने यह सोचकर दरवाजा खोल दिया कि बेटा व बहू सब्जी बेचकर आए हैं। जैसे ही उसने दरवाजा खोला 4 नकाबपोश बाहर खड़े थे। उन्होंने हाथ में पिस्टल व चाकू रखा था। 3 नकाबपोश उसकी मां को धक्का देते हुए भीतर दाखिल हुए जबकि एक बाहर पहरेदारी करने लगा।
इसी बीच भीतर घुसे नकाबपोशों ने दोनों बच्चों के सिर पर पिस्टल व चाकू अड़ा दिया और कहा कि हम जो चीज लूटने आए हैं उसे ले जाने दो, नहीं तो बच्चों को जान से मार देंगे। सभी हिंदी में बात कर रहे थे। इसके बाद उन्होंने आलमारी व पेटी का ताला तोड़कर 50 हजार के सोने-चांदी के जेवर व 35 हजार रुपए लूट लिए।
इसी बीच सब्जी व्यवसायी मिथिलेश अपनी पत्नी के साथ घर पहुंच गया। इसके बाद लुटेरों ने उनपर भी पिस्टल अड़ा दिया। फिर सभी को उन्होंने एक कमरे में बंद कर दिया और फरार हो गए। लुटरों के जाने के बाद व्यवसायी किसी तरह कुंडी तोड़कर बाहर निकला व पूर्व नपं अध्यक्ष नंदलाल सिंह श्यामले को सूचना दी। सुबह वाड्रफनगर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
मांग रहे थे खेत के कागजात व रजिस्ट्री
व्यवसायी ने पुलिस को बताया कि लुटेरे बोल रहे थे कि वे झारखंड के रंका से आए हैं तथा उन्हें 30 हजार की सुपारी दी गई है। वे खेत की रजिस्ट्री के कागजात मांग रहे थे। इससे जमीन विवाद पर लूट की वारदात को अंजाम देना बताया जा रहा है। वहीं यह भी आशंका जताई जा रही है कि कहीं लुटेरों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए तो ऐसा नहीं कहा।
पुलिस ने नहीं उठाया फोन, 1 घंटे बाद पहुंचे मौके पर
लुटेरों के जाने के बाद व्यवसायी ने वाड्रफनगर चौकी में कई बार कॉल किया लेकिन घंटी जाने के बाद भी किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। सुबह व्यवसायी ने चौकी पहुंचकर घटना की जानकारी दी। इसके बावजूद पुलिस एक घंटे बाद जांच करने पहुंची। जबकि चौकी से व्यवसायी के घर की दूरी मात्र 2 किलोमीटर है। इसे लेकर लोगों में आक्रोश भी है।