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महिला आईएएस ने प्राइवेट स्कूलों को दी ये चेतावनी, अब रखना होगा एल्कोहल टेस्ट मशीन

शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत जरूरतमंदों के बच्चों को प्रवेश नहीं देने पर कलक्टर ने दी कार्रवाई की चेतावनी

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Collector Kiran Kaushal

Collector Kiran Kaushal

अंबिकापुर. शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत गुरूवार को शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कलक्टर किरण कौशल की अध्यक्षता में निजी स्कूल के संचालकों की बैठक हुई। इसमें कलक्टर ने कहा कि कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत निजी शालाओं में प्रारंभिक कक्षा में प्रवेश के लिए अनुसूचित जाति, जनजाति, वनवासी समूह, दिव्यांग, गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले या एचआईव्ही पीडि़तों के बच्चों को प्राथमिकता देकर प्रवेश दिलाएं।

उन्होंने कहा कि निजी स्कूल संचालक इस अधिनियम के तहत वास्तविक जरूरतमंदों को ही प्रवेश दिलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि प्रवेश के लिए निगरानी समिति गठित की जाएगी तथा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित स्कूल प्रबंधन के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। वहीं वाहन ड्राइवरों व चौकीदारों की जांच के लिए एल्कोहल टेस्ट मशीन भी स्कूल में रखने कहा।


केक्टर ने कहा कि राज्य शासन के निर्देशानुसार वर्तमान सत्र से शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्रदेश के निजी शालाओं में प्रवेश की प्रक्रिया वेब पोर्टल के माध्यम से व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि वेब पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन प्रवेश फॉर्म भरने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर में शिविर लगाएं तथा अभिभावकों को ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए ऑनलाइन फार्म भराएं।

उन्होंने कहा कि सभी निजी स्कूलों में सीटों की संख्या की मैपिंग 5 अप्रैल तक कराकर ऑनलाइन सीट डिसप्ले कराएं तथा स्कूलों में भी सीटों की संख्या चस्पा कराएं। उन्होंने कहा कि सभी निजी स्कूल उपलब्ध सुविधाओं तथा संसाधनों के अनुसार फीस का निर्धारण शाला प्रबंधन समिति के माध्यम से करें तथा फीस की जानकारी सूचना पटल पर प्रदर्शित करें।

उन्होंने बताया कि प्रवेश हेतु ऑनलाइन फार्म 15 से 30 अप्रैल तक भराए जाएंगे। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी संजय गुप्ता, सर्व शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक केसी गुप्ता सहित विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी तथा निजी शालाओं के प्राचार्य उपस्थित थे।


गणवेश व कॉपी-किताब की खरीदी में न हो बाध्यता
कलक्टर ने निजी स्कूलों के द्वारा गणवेश तथा कॉपी, पुस्तकों की खरीदी निर्धारित दुकानों से करने की बाध्यता को गंभीरता से लेते हुए कहा कि इस प्रकार की बाध्यता से विद्यार्थी एवं पालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए उन्हें किसी भी दुकान से गणवेश एवं पाठ्यपुस्तक क्रय करने की स्वतंत्रता दी जाए।

उन्होंने निजी स्कूलों द्वारा महंगे पुस्तकों को पाठ्यक्रम में शामिल करने के संबंध में कहा कि जहां तक हो एनसीईआरटी की किताबों को ही प्राथमिकता दें तथा छोटी कक्षाओं के लिए के लिए भी उचित प्रकाशकों का चुनाव करें।


ऑटो चालक व अटेंडर की सूची सौंपे
कलक्टर ने स्कूलों वाहनों द्वारा बच्चों के आने-जाने में सुरक्षा को लेकर कहा कि बस, ऑटो चालक, अटेण्डर तथा गेट कीपर का पहचान पत्र तैयार कर सूची जिला शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध कराएं। कलक्टर ने कतिपय स्कूलों के वाहन चालकों, अटेण्डर तथा गेट कीपर द्वारा नशापान किए जाने के संबंध में कहा कि सभी स्कूल प्रबंधन एल्कोहल टेस्ट मशीन रखें और प्रतिदिन टेस्ट की रिकॉर्ड भी संधारित करें।


प्रशिक्षित शिक्षकों को ही करें भर्ती
स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर देते हुए कलक्टर ने कहा कि प्रशिक्षित शिक्षकों को ही भर्ती में प्राथमिकता दें यदि अप्रशिक्षित शिक्षक की भर्ती होती है तो उसे समय पर प्रशिक्षित कराया जाए। उन्होंने कहा कि आगामी एक वर्ष में होने वाले स्कूली गतिविधियों का कैलेण्डर तैयार करें तथा कैलेण्डर को सभी अभिभावकों को उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि कैलेण्डर में खेल, एरोबिक्स, नैतिक शिक्षा, योग , पाठयक्रम की समय-सीमा का प्रमुखता से उल्लेख हो।


25 प्रतिशत मुफ्त सीट है आरक्षित
बैठक में बताया गया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में प्रारंभिक कक्षा में प्रवेश के लिए 25 प्रतिशत मुफ्त सीटें आरक्षित हैं। इसके तहत आठवीं कक्षा तक फीस इत्यादि का खर्च अविभावकों को नहीं उठाना पड़ेगा। प्रवेश हेतु जाति प्रमाण पत्र, दिव्यांगजन प्रमाण पत्र, बीपीएल कार्ड, निवास और पहचान प्रमाण पत्र, बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक है।