Sand mining: इरिया नदी से रेत निकालने के बाद ओवरलोड परिवहन (Overload transporting) का सिलसिला जारी, बड़े-बड़े गड्ढे तो हो रही रहे, नदी का जलस्तर (Water level) भी जा रहा नीचे
बसंतपुर. बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के वाड्रफनगर विकासखंड स्थित रेत खदान मेंढारी में ठेकेदार द्वारा रेत निकालने (Sand mining) के कार्य में पर्यावरण नियमों को ताक पर रखकर जमकर मनमानी की जा रही है।
बाकायदा इरिया नदी में 3 नाव लगाकर बड़े पैमाने पर नीचे से रेत निकाली जा रही है, इससे नदी को नुकसान तो हो ही रहा है, साथ ही जल स्तर के लिए भी ये काफी नुकसानदायक है। इसके बावजूद धड़ल्ले से खनन जारी है।
शनिवार को जिला पंचायत सदस्य विनोद जायसवाल ने रेत खदान का निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि इरिया नदी में 3 नाव (Boats) लगाकर नीचे से बड़े पैमाने पर रेत निकाली जा रही है। इससे वहां तालाब जैसा गड्ढा हो गया है, इससे जल स्तर नीचे जा रहा है।
उन्होंने बताया कि यहां से क्षमता से अधिक रेत पोकलेन के सहारे भारी वाहनों में लोड कर ले जाया जा रहा है। ओवरलोड रेत परिवहन से बनारस मार्ग की सड़क खराब हो रही है।
उन्होंने कहा कि रेत तस्करों को प्रदेश सरकार का संरक्षण प्राप्त है। अगर आने वाले कुछ दिनों में ओवरलोड रेत परिवहन बंद नहीं हुआ तो एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर धरना प्रदर्शन व चक्काजाम किया जाएगा।
रेत ठेकेदार ने महिला का खेत किया बर्बाद
एक स्थानीय महिला ने भी आरोप लगाया कि रेत ठेकेदार द्वारा रास्ता बनाने के लिए उसके खेत को बर्बाद कर दिया गया है। अब वह इसके लिए किससे गुहार लगाए।