
Balrampur News: बलरामपुर में सरकारी स्कूल की छात्राओं को अब कॉन्वेंट स्कूलों जैसी एक नई सुविधा मिलेगी। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की पहल पर पचपेड़वा के राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय विशुनपुर विश्राम में हाउस सिस्टम शुरू किया गया है। इसके तहत छात्राओं को चार अलग-अलग हाउस में बांटा गया है। उन्हें अलग रंग की टी-शर्ट देने के साथ प्रेसिडेंट और वाइस प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
बलरामपुर जिले के पचपेड़वा स्थित राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय विशुनपुर विश्राम में अब छात्राओं को पढ़ाई के साथ अपनी प्रतिभा दिखाने के नए अवसर मिलेंगे। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की पहल पर विद्यालय में हाउस सिस्टम शुरू किया गया है। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर 31 अक्टूबर को इस व्यवस्था की शुरुआत हुई। अब यहां की छात्राएं भी निजी और कॉन्वेंट स्कूलों की तरह अलग-अलग हाउस में रहकर पढ़ाई के साथ खेलकूद और दूसरी गतिविधियों में हिस्सा लेंगी।
नई व्यवस्था के तहत विद्यालय की छात्राओं को चार हाउस में बांटा गया है। इनमें रेड हाउस, येलो हाउस, ग्रीन हाउस और ब्लू हाउस शामिल हैं। प्रत्येक हाउस की पहचान के लिए छात्राओं को अलग-अलग रंग की टी-शर्ट दी गई हैं। इससे छात्राओं को अपने हाउस की अलग पहचान मिलेगी।
इतना ही नहीं, प्रत्येक हाउस में छात्राओं के बीच से प्रेसिडेंट और वाइस प्रेसिडेंट भी चुने गए हैं। ये छात्राएं अपने हाउस की गतिविधियों को संभालेंगी और दूसरी छात्राओं के साथ मिलकर काम करेंगी। इस नई व्यवस्था को लेकर विद्यालय की छात्राओं में काफी उत्साह देखने को मिला।
दरअसल, पिछले महीने जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने विद्यालय का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने छात्राओं से बातचीत कर उनकी पढ़ाई, रुचियों और अन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी ली थी। छात्राओं के विकास को लेकर उन्होंने कहा था कि शिक्षा केवल किताबों और कक्षाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। पढ़ाई के साथ खेल, कला, संस्कृति और नेतृत्व जैसे क्षेत्रों में भी छात्राओं को आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए। इसी सोच के साथ उन्होंने विद्यालय में हाउस सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए थे। अब इन निर्देशों पर अमल करते हुए नई व्यवस्था शुरू कर दी गई है।
हाउस सिस्टम से विद्यालय में पढ़ाई के अलावा खेल प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और रचनात्मक गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। चारों हाउस की छात्राएं इन कार्यक्रमों में एक-दूसरे से मुकाबला करेंगी। इससे उनमें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होगी।
वहीं, प्रेसिडेंट और वाइस प्रेसिडेंट बनने वाली छात्राओं को नेतृत्व करने और जिम्मेदारी निभाने का मौका मिलेगा। समूह में काम करने, मिलकर फैसले लेने और अपनी बात रखने का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। जिलाधिकारी की इस पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी विद्यालय की छात्राओं को भी निजी स्कूलों जैसी गतिविधियों और सुविधाओं के अवसर देना है। राष्ट्रीय एकता दिवस पर शुरू हुई यह व्यवस्था छात्राओं को यह संदेश भी देगी कि अलग-अलग पहचान होने के बावजूद सभी एक विद्यालय परिवार का हिस्सा हैं।