
Balrampur News: बलरामपुर में आयोजित नवप्रवर्तन प्रदर्शनी में बच्चों, युवाओं, किसानों और उद्यमियों की रचनात्मक प्रतिभा देखने को मिली। किसी ने पौधों से दवाएं बनाने का तरीका दिखाया। तो किसी ने खेती और घरेलू कामों से जुड़े नए उपकरण पेश किए। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में आयोजित इस प्रदर्शनी का जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन और मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता ने निरीक्षण किया। प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया।
बलरामपुर में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, उत्तर प्रदेश की ओर से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में जिले स्तरीय नवप्रवर्तन प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें छात्र-छात्राओं, युवाओं, किसानों और उद्यमियों ने अपने नए विचारों, उत्पादों और तकनीकों का प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी में ग्रामीण जीवन, खेती, घरेलू जरूरतों और शिल्प से जुड़े कई तरह के नवाचार देखने को मिले।
जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन और मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता ने प्रदर्शनी में लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रतिभागियों से उनके उत्पादों और तकनीकों के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों ने यह भी जाना कि इन नवाचारों से आम लोगों की समस्याओं को किस तरह दूर किया जा सकता है। प्रदर्शनी में पौधों से तैयार की गई औषधियां, घरेलू उपयोग के उत्पाद, खेती में काम आने वाले उपकरण और शिल्प से जुड़े सामान प्रदर्शित किए गए। प्रतिभागियों ने अपने बनाए उत्पादों की खासियत और उनके इस्तेमाल के बारे में बताया।
जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने कहा कि नए आविष्कारों के लिए वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और कुछ नया करने की इच्छा जरूरी है। विज्ञान और तकनीक का मुख्य उद्देश्य लोगों के जीवन को आसान बनाना और उनकी समस्याओं का समाधान खोजना है। उन्होंने कहा कि नवाचार के लिए बड़ी प्रयोगशालाओं या तकनीकी संस्थानों पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है। गांवों, खेतों, घरों और छोटे उद्योगों में भी नए प्रयोग किए जा सकते हैं। स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए छोटे-छोटे आविष्कार भी बड़े बदलाव ला सकते हैं। डीएम ने कहा कि खेती से जुड़े नए उपकरण और तकनीक किसानों का समय बचाने, लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
जिलाधिकारी ने छात्र-छात्राओं और युवाओं से कहा कि वे केवल किताबों तक सीमित न रहें। अपने आसपास की समस्याओं को समझें, उनके कारण जानें और वैज्ञानिक तरीके से समाधान खोजने का प्रयास करें। लगातार अध्ययन और प्रयोग करने से नए विचार उपयोगी आविष्कारों में बदल सकते हैं। मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता ने भी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रदर्शनियां स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर देती हैं। इससे युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्हें अपने विचारों को उपयोगी उत्पादों में बदलने की प्रेरणा मिलती है। प्रदर्शनी का उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं को पहचान दिलाना और विज्ञान, तकनीक, उद्यमिता तथा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना रहा।