
सांकेतिक तस्वीर फोटो जेनरेट AI
UP Paddy MSP 2026 : बलरामपुर जिले में धान बेचने के लिए किसानों को अब पहले से ज्यादा विकल्प मिलेंगे। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने पुराने 24 केंद्रों के अलावा 13 नए धान क्रय केंद्रों को मंजूरी दी है। अब जिले में कुल 37 केंद्रों पर सरकारी खरीद की व्यवस्था होगी। सामान्य धान का समर्थन मूल्य 2441 रुपये और ए-ग्रेड धान का 2461 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।
बलरामपुर जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत किसानों से सरकारी समर्थन मूल्य पर धान खरीदा जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने 15 अक्टूबर 2026 को 13 नए धान क्रय केंद्रों को मंजूरी दी है। इससे पहले जिले में 24 केंद्र स्वीकृत थे। नए केंद्र जुड़ने के बाद इनकी संख्या बढ़कर 37 हो गई है। प्रशासन का कहना है कि इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
सरकार ने सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2441 रुपये प्रति क्विंटल और ए-ग्रेड धान का 2461 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। सरकारी खरीद केंद्रों पर किसानों से इसी निर्धारित समर्थन मूल्य के तहत धान खरीदा जाएगा। जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को खरीद की तैयारी समय से पूरी करने और किसानों को जरूरी सुविधाएं देने के निर्देश दिए हैं।
जिले की तीनों तहसीलों बलरामपुर सदर, तुलसीपुर और उतरौला में किसानों की सुविधा के लिए नए केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। इनमें खाद्य विभाग के तीन, पीसीएफ के पांच और यूपीएसएस के पांच केंद्र शामिल हैं। बलरामपुर सदर तहसील में बलरामपुर मंडी द्वितीय, बी-पैक्स रामनगर, बलुई बलुहा, लिलवा, सरकहवा, खैरहनिया और गुगौली के लिए केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। तुलसीपुर तहसील में प्रेम नगर, तुलसीपुर सहकारी क्रय-विक्रय समिति, बेलखरी, जमुनीखुर्द, राजपुर बकौली, जैतापुर द्वितीय, पचपेड़वा मंडी द्वितीय, पचपेड़वा और शंकरपुरकला में केंद्रों को मंजूरी दी गई है। उतरौला तहसील के बी-पैक्स हुसैनाबाद में भी नया केंद्र स्वीकृत हुआ है।
जिले में अब खाद्य विभाग के 13, पीसीएफ के 10, यूपीएसएस के 13 और भारतीय खाद्य निगम का एक केंद्र होगा। इस तरह कुल 37 केंद्रों के माध्यम से धान खरीद की व्यवस्था की गई है।
जिलाधिकारी ने बलरामपुर सदर, तुलसीपुर और उतरौला के उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में धान खरीद का नोडल अधिकारी बनाया है। वहीं, जिला खाद्य विपणन अधिकारी को अपर जिला खरीद अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारियों को तौल, भंडारण और खरीद से जुड़े रिकॉर्ड की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है। खरीद में पारदर्शिता रखी जाएगी और किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया जाएगा।
Updated on:
16 Oct 2026 05:33 pm
Published on:
16 Oct 2026 05:33 pm
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