बलरामपुर

Balrampur News: बलरामपुर में बच्चों की पढ़ाई पर DM सख्त, कम उपस्थिति और कमजोर नतीजों वाले विद्यालयों पर होगी कार्रवाई

Balrampur News: बलरामपुर में डीएम डॉ. विपिन कुमार जैन ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में स्कूलों में बच्चों की घटती उपस्थिति, कमजोर शैक्षिक प्रदर्शन, स्मार्ट क्लास और बोर्ड परीक्षा 2027 की तैयारियों को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
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Updated: 31 Oct 2026, 6:08 PM IST
Balrampur
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करते डीएम फोटो सोर्स विभाग

Balrampur News:बलरामपुर जिले के सरकारी स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई और उपस्थिति को लेकर जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने सख्ती दिखाई है। सितंबर के मुकाबले अक्टूबर में विद्यार्थियों की उपस्थिति एक प्रतिशत घटकर 66 फीसदी रह गई। वहीं, कमजोर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों की अलग से पहचान कर सुधार की योजना बनाई जाएगी। डीएम ने स्मार्ट क्लास के नियमित इस्तेमाल और बोर्ड परीक्षा 2027 की तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

बलरामपुर में जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति की अक्टूबर माह की समीक्षा बैठक में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के कामकाज की पड़ताल की गई। डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में बच्चों की पढ़ाई, शिक्षकों की उपलब्धता, स्कूलों की सुविधाओं और परीक्षा की तैयारियों पर चर्चा हुई।

शिक्षा विभाग की समीक्षा करते डीएम फोटो सोर्स विभाग

380 विद्यालयों का हुआ निरीक्षण

बेसिक शिक्षा विभाग ने बताया कि अक्टूबर में एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) ने 380 विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान कक्षाओं में पढ़ाई, शिक्षकों के पढ़ाने के तरीके और बच्चों की सीखने की क्षमता देखी गई। कक्षा एक से तीन तक के विद्यार्थियों में पढ़ने और सामान्य जोड़-घटाव करने की क्षमता में सुधार मिला है। जिले के सभी नौ विकासखंडों में सरल अनुच्छेद पढ़ने की क्षमता भी बेहतर हुई है। डीएम ने कहा कि स्कूलों में केवल पाठ्यक्रम पूरा कराना ही पर्याप्त नहीं है। बच्चों को अपनी कक्षा के अनुसार पढ़ना, लिखना और गणना करना आना चाहिए। उन्होंने कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यालयों की पहचान कर उनके लिए लक्ष्य और समयसीमा तय करने को कहा।

घटी बच्चों की उपस्थिति, अभिभावकों से संपर्क के निर्देश

समीक्षा के दौरान सामने आया कि सितंबर में स्कूलों में बच्चों की औसत उपस्थिति 67 प्रतिशत थी। जो अक्टूबर में घटकर 66 प्रतिशत रह गई। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए कम उपस्थिति वाले विद्यालयों में अभिभावकों से संपर्क करने और बच्चों को नियमित स्कूल बुलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने गतिविधियों के जरिए पढ़ाई कराने और शिक्षण सामग्री का इस्तेमाल बढ़ाने पर भी जोर दिया।

22 स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधा

माध्यमिक शिक्षा विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिले के 22 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कंप्यूटर लैब और स्मार्ट क्लास उपलब्ध हैं। डीएम ने निर्देश दिया कि सभी स्कूल अपनी समय-सारिणी में स्मार्ट क्लास के लिए समय तय करें। इसका इस्तेमाल केवल दिखावे तक सीमित नहीं रहना चाहिए।

बोर्ड परीक्षा 2027 की तैयारी पर जोर

राजकीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए डीएम ने सेवानिवृत्त शिक्षकों की अल्पकालिक नियुक्ति के संबंध में शासन को पत्र भेजने को कहा। प्रधानाचार्यों को खंड विकास अधिकारियों से संपर्क कर पेयजल, शौचालय, बिजली और भवन मरम्मत जैसे काम कराने के निर्देश दिए।
प्रोजेक्ट अलंकार के तहत विद्यालयों के मरम्मत कार्यों की भी समीक्षा हुई। वहीं, बोर्ड परीक्षा 2027 के लिए समय से पाठ्यक्रम पूरा कराने, नियमित टेस्ट, पुनरावृत्ति और प्री-बोर्ड परीक्षाएं कराने को कहा गया। कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाएं चलाने के निर्देश भी दिए गए। डीएम ने स्पष्ट किया कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि बच्चों की पढ़ाई में दिखना चाहिए।

Updated on:
31 Oct 2026, 6:08 PM IST
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