डिजिटल इंडिया की परिकल्पना के तहत अब ग्राम पंचायत में आधार सेवा केंद्र खोले जाने की तैयारी शुरू हो गई है। शुरुआती दौर में पायलट प्रोजेक्ट के तहत कुछ ग्राम पंचायत में इसकी शुरुआत की गई है।
बलरामपुर जिले में ग्रामीणों को बेहतर और सुलभ डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रशासन ने नई पहल की है। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन के निर्देशन में पंचायती राज विभाग ने ग्राम पंचायत स्तर पर आधार सेवा केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रथम चरण में सात पंचायत सहायकों को आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।
डिजिटल इंडिया की परिकल्पना को गांव-गांव तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। अब ग्रामीणों को आधार कार्ड बनवाने, उसमें नाम, पता या जन्मतिथि संशोधन जैसे कार्यों के लिए तहसील या जिला मुख्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। पंचायत सचिवालयों में ही आधार सेवाएं उपलब्ध होने से ग्रामीणों के समय, धन और श्रम की बचत होगी।
जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में चयनित पंचायत सहायकों को कंप्यूटर सीपीयू, वेबकैम और अन्य आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि सभी पंचायत सचिवालयों में शीघ्र मशीनों की स्थापना कर सेवाएं प्रारंभ की जाएं। ताकि ग्रामीणों को बिना विलंब लाभ मिल सके। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सेवा संचालन में पारदर्शिता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। प्रथम चरण में विकासखंड बलरामपुर की लालनगर, भगवतपुर, मिर्जापुर और सिरसिया ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। इसके अलावा रेहरा बाजार विकासखंड की गुमाफात्मा जोत तथा तुलसीपुर विकासखंड की सुदर्शन जोत और नौव्वा ग्राम पंचायत में भी आधार सेवा केंद्र संचालित किए जाएंगे।
अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था सफल रहने पर अगले चरण में अन्य ग्राम पंचायतों को भी इससे जोड़ा जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य पूरे जिले में पंचायत स्तर पर डिजिटल सेवाओं का सशक्त नेटवर्क तैयार करना है। ताकि शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुंच सके। इस पहल से न केवल ग्रामीणों को सुविधा मिलेगी, बल्कि पंचायत स्तर पर डिजिटल सशक्तिकरण को भी नई गति प्राप्त होगी।