
UP Honey Mission 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए हनी मिशन को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाया है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन और खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के सहयोग से अगले तीन वर्षों में एक लाख ग्रामीण महिलाओं को मधुमक्खी पालन से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसी कड़ी में बलरामपुर जिले में भी आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है।
प्रदेश में मधुमक्खी पालन अब केवल शहद उत्पादन तक सीमित नहीं रह गया है। बल्कि इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के बड़े अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार हनी मिशन के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं, शिक्षित बेरोजगार युवाओं और स्वरोजगार की इच्छा रखने वाले लोगों को वैज्ञानिक तरीके से मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण देकर उनकी आय बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।
सरकार ने अगले तीन वर्षों में एक लाख ग्रामीण महिलाओं को मधुमक्खी पालक बनाने का लक्ष्य तय किया है। योजना का उद्देश्य प्रत्येक लाभार्थी की वार्षिक आय में लगभग एक लाख रुपये तक की वृद्धि करना है। इसके साथ ही 'मिशन विलेज' के जरिए उत्तर प्रदेश के शहद को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक पहचान दिलाने की भी तैयारी की जा रही है। उत्पादित शहद की बेहतर पैकेजिंग, आधुनिक तकनीक और बाजार से सीधा जुड़ाव भी योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मधुमक्खी पालन का लाभ केवल शहद उत्पादन तक सीमित नहीं है। मधुमक्खियां फूलों पर बैठकर परागण की प्रक्रिया को बढ़ाती हैं। जिससे गेहूं, सरसों, दलहन और तिलहन जैसी फसलों की पैदावार में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। यही कारण है कि सरकार इसे किसानों की आय बढ़ाने का भी प्रभावी माध्यम मान रही है।
इसी अभियान के तहत बलरामपुर जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए हनी मिशन के अंतर्गत 20 लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को पांच दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रत्येक लाभार्थी को पांच आधुनिक हनी बॉक्स, जीवित मधुमक्खी कॉलोनी और आवश्यक टूल-किट निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। ताकि वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकें।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी के अनुसार योजना के लिए 18 से 50 वर्ष आयु के बलरामपुर निवासी आवेदन कर सकते हैं। आवेदक के पास मधुमक्खी पालन के लिए उपयुक्त स्थान होना चाहिए। महिला स्वयं सहायता समूहों, बेरोजगार युवाओं और आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन पंजीकरण के बाद आधार कार्ड, आय, जाति, निवास, शैक्षिक प्रमाणपत्र, राशन कार्ड और बैंक पासबुक सहित आवश्यक दस्तावेज 20 जुलाई 2026 तक जिला ग्रामोद्योग कार्यालय बलरामपुर में जमा कर सकते हैं। लाभार्थियों का चयन जिला स्तरीय समिति करेगी।