Smart Meter Protest:बांदा में दूल्हा कुलदीप अपनी बारात लेकर दुल्हन के घर जाने के बजाय डीएम ऑफिस पहुंच गया। उसने स्मार्ट मीटर से बढ़े बिजली बिलों के विरोध में प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा, मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में है।
बांदा जिले में सोमवार को एक ऐसा अनोखा विरोध देखने को मिला, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। आमतौर पर शादी के दिन दूल्हा बारात लेकर दुल्हन के घर जाता है, लेकिन यहां एक दूल्हे ने परंपरा से हटकर अपनी बारात सीधे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा दी। बैंड-बाजे के साथ किया गया यह विरोध स्मार्ट मीटर से बढ़े बिजली बिलों के खिलाफ था, जिसकी चर्चा अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से हो रही है।
जानकारी के मुताबिक, जिले के ग्राम उजरेहटा निवासी कुलदीप की शादी तय थी और घर में खुशी का माहौल था। बारात पूरे धूमधाम से निकली, लेकिन बीच रास्ते में दूल्हे ने एक अलग फैसला लिया और बारात को जिलाधिकारी कार्यालय की ओर मोड़ दिया। इस दौरान बाराती भी दूल्हे के समर्थन में नजर आए और पूरे जोश के साथ विरोध में शामिल हुए।
दूल्हे कुलदीप का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद से बिजली के बिल में अचानक भारी बढ़ोतरी हो गई है। उन्हें लगातार अधिक बिल का भुगतान करने का दबाव बनाया जा रहा है और चेतावनी दी गई है कि बिल जमा न करने पर बिजली काट दी जाएगी। कुलदीप के अनुसार, शादी के बाद घर में अंधेरा होने की आशंका ने उन्हें इस तरह का कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया।
इस विरोध प्रदर्शन में बुंदेलखंड इंसाफ सेना के कार्यकर्ता भी शामिल रहे। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एएस नोमानी के नेतृत्व में जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि स्मार्ट मीटर प्रणाली को हटाकर पुराने मीटर दोबारा लगाए जाएं। संगठन का आरोप है कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था से आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और खासकर युवाओं की आय का बड़ा हिस्सा बिजली बिल में खर्च हो रहा है।
इस अनोखे विरोध ने पूरे जिले में चर्चा का माहौल बना दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अपनी शादी जैसे खास मौके पर इस तरह का कदम उठाकर दूल्हे ने अपनी समस्या को बेहद अलग और प्रभावशाली तरीके से सामने रखा है। वहीं, यह मामला अब प्रशासन के लिए भी गंभीर विचार का विषय बन गया है कि आखिरकार आम लोगों की समस्याओं का समाधान किस तरह किया जाए।